RCF में शहीद भगत सिंह विचार मंच की विचार चर्चा,....
- पेंशन और आर्थिक संकट पर हुआ मंथन, प्रबुद्ध नागरिकों और विचारकों ने भी लिया हिस्सा
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
कपूरथला RCF के शहीद भगत सिंह विचार मंच द्वारा वर्कर क्लब में एक विशेष "विचार चर्चा" कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय "पेंशन, रोजगार, शेयर बाजार, बचत व आर्थिक संकट " था, जिसमें भारी संख्या में RCF के कर्मचारियों, प्रबुद्ध नागरिकों और विचारकों ने हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री हरविंदर भंडाल (ट्रस्टी, देश भगत यादगार हॉल) विशेष तौर पर पहुंचे। उन्होंने अपने बेहद विचारोत्तेजक और ज्ञानवर्धक संबोधन में आर्थिक मंदी के कारणों, कॉर्पोरेट नीतियों और आम कामकाजी वर्ग पर इसके पड़ने वाले असर का बारीकी से विश्लेषण कर लोगों को उसके बारे में जानकारी दी !
श्री हरविंदर भंडाल ने आगाह किया कि यदि नीतियों में जनहितैषी सुधार नहीं किए गए, तो आर्थिक संकट का यह द्वार आम और मध्यम वर्ग के लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
उन्होंने ने देश के आर्थिक संकट के कुछ गंभीर आंकड़ों को सांझा करते हुए कहा कि , "आज देश में बेरोजगारी की दर चिंताजनक स्तर पर पहुँच चुकी है, जहाँ शिक्षित युवाओं के पास सुरक्षित रोजगार नहीं है। देश पर बढ़ता हुआ कुल कर्ज और लगातार बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों के रसोई बजट को बिगाड़ कर रख दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि देश की घरेलू बचत पिछले कई दशकों के सबसे निचले स्तर पर आ गई है, जिसका सीधा मतलब है कि आर्थिक तंगी के कारण लोग अब भविष्य के लिए पैसे नहीं बचा पा रहे हैं। इसके विपरीत, शेयर बाजार मे तेजी दिखाकर यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि देश की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत है, जबकि हकीकत में जमीन पर मंदी का माहौल है और सिर्फ कॉर्पोरेट घरानों की संपत्ति को बढ़ाया जा रहा है|
उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित करते हुए आगे कहा, "इस दौर में जहाँ पूँजीवादी नीतियाँ हावी हो रही हैं, वहाँ कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और बुढ़ापे का एकमात्र सहारा 'पेंशन' को बाजार के जोखिमों के हवाले करना बेहद घातक है। एक कल्याणकारी राज्य में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना कोई वित्तीय बोझ नहीं, बल्कि कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है। यदि हम अपनी गाढ़ी कमाई और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो हमें अंधाधुंध निजीकरण के खिलाफ और आर्थिक नीतियों में सुधार के लिए एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।"
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मंच के संयोजक, जिनमें प्रधान धर्मपाल, सचिव- चंद्रभान और गुरजिदर सिंह ने अपनी अग्रणी भूमिका निभाई। इसके साथ शहीद भगत सिंह विचार मंच के कर्मठ कार्यकर्ताओं और प्रमुख साथियों में अमरीक सिंह, भरत राज, रामदास, विनोद कुमार, पंकज कुमार सिंह, साकेत कुमार यादव, सुनील कश्यप, राज कुमार प्रजापति, सरबजीत सिंह , गुरमेल सिंह, मनजीत सिंह, रजिंदर कुमार एवं रेल कोच फैक्ट्री की RCFEU, इंडियन रेलवे टैक्निकल सुपरवाइजर ऐसोशिएशन, इंजीनियर ऐसोशिएशन, OBC और SC-ST एसोसिएशनों के साथी विशेष रूप से शामिल हुए।
स्टेज संचालन की ज़िम्मेदारी भरत राज जी ने निभाई। कार्यक्रम के अंत में मंच के संयोजकों ने मंच से संकल्प लिया कि वे समाज और कर्मचारियों से जुड़े इन गंभीर आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर लगातार जागरूकता अभियान और वैचारिक बहस आयोजित करते रहेंगे।

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