पुलिस की बेहतर कारगुजारी देख बोखलाहट में सवाल उठा रहे-- ढोट
- यही लोग पहले पुलिस प्रसाशन को दबके मारते थे
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
पुलिस प्रसाशन को दबके मारने वाले आज AAP की सरकार में पुलिस प्रसाशन की बेहतर कारगुजारी को देखकर बोखलाहट में पुलिस के सराहानीय कार्यो पार किन्तु परन्तु कर रहे है। यह बात AAP के सीनियर नेता परमिंदर सिंह ढोट ने विधायक राणा गुरजीत सिंह के उस बयान पर तंज कस्ते हुए कही जिसमे विधायक ने कहा था कि पंजाब पुलिस थानों को छोड़ कर सड़को पर घूम रही है।
ढोट ने कहा पुलिस लोगो के बिच जा कर उनकी समस्याए सुन रही है और उनका समाधान कर रही है और हमारे विधायक अपनी राजनीती चमकाने के लिए पुलिस प्रसाशन के बढ़िया कार्यो पर भी सवाल उठा रहे, जोकि बहुत ही निंदनीय है। ढोट ने हल्का विधायक के शहर में कानून व्यवस्था खराब, दडे सट्टे के कारोबार खुलेआम चलने के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षो से इन कामो को बढ़ावा देने वाले आज किस मुँह से यह सवाल कर रहे है।
उन्होंने कहा जो पुलिस इनके राज में थानों में बैठती थी आज AAP सरकार के राज में जनता के पास पहुँच कर जनता की समस्याए सुन रही है, तो इनको तकलीफ क्यों हो रही है। उन्होंने विधायक के बयान को न केवल पुलिस बल का अपमान बताया, बल्कि उन लोगों का मनोबल गिराने का भी बताया जो पंजाब और देश की सुरक्षा के लिए रोज अपनी जान जोखिम में डालते हैं।
ढोट ने कहा कि चाहे पंजाब पुलिस हो, केंद्रीय सशस्त्र बल हों या भारतीय सेना, हर सुरक्षा बल सम्मान का पात्र है क्योंकि वे नागरिकों की सुरक्षा के लिए दिन-रात काम करते हैं। उन्होंने कहा पूरे बल को निशाना बनाना और राजनीतिक नाटक के लिए उनका मनोबल गिराने की कोशिश करना बेहद खतरनाक है। सुरक्षाकर्मी जनता की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं और उन्हें इस तरह कभी अपमानित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा पंजाब पुलिस,विशेषकर युवा अधिकारी,जनता से व्यवहार करने के तरीके में बदलाव ला रहे हैं और जन सुरक्षा के लिए पेशेवर तरीके से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। सड़क सुरक्षा बल के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए ढोट ने कहा कि पंजाब पुलिस कर्मियों के समर्पित प्रयासों के कारण आज दुर्घटना पीड़ितों को मिनटों के भीतर तत्काल सहायता मिल जाती है।
उन्होंने आगे कहा जब भी लोगों को चोरी,हमले, दुर्घटना या आपात स्थिति का सामना करना पड़ता है,तो वे सबसे पहले पुलिस को फोन करते हैं, न कि उन पर किन्तु परन्तु करते है। पुलिस चौकियों की स्थापना से ईमानदार नागरिक अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। पुलिस चेकिंग से केवल अपराधियों और असामाजिक तत्वों को ही परेशानी होती है।



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