विश्व पर्यावरण दिवस-- पुष्पा गुजराल साइंस सिटी में राज्य स्तरीय समारोह ....
- पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक के उपयोग से परहेज करने का आह्वान
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण विभाग द्वारा आज पुष्पा गुजराल साइंस सिटी में विश्व पर्यावरण दिवस मनाने के लिए राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष 5 जून को संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1972 में आयोजित मानवीय पर्यावरण पर स्टॉकहोम सम्मेलन की याद में मनाया जाता है। यह पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जमीनी स्तर पर कार्रवाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख समारोह है। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “जलवायु परिवर्तन के लिए कार्रवाइयाँ” रखी गई है।
समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री संत बाबा बलवीर सिंह सीचेवाल, राज्यसभा सदस्य ने समारोह का उद्घाटन करते हुए राज्य में वृक्षारोपण संबंधी जागरूकता अभियान की शुरुआत की। उन्होंने लोगों को पौधे वितरित करते हुए वृक्षारोपण के इस नेक कार्य में अधिक से अधिक भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने देशी प्रजातियों के वृक्ष लगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक के उपयोग से परहेज करने का आह्वान किया।
पंजाब में पर्यावरण, प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट और महत्वपूर्ण योगदान देने वाली संस्थाओं को सम्मानित करते हुए माननीय राज्यसभा सदस्य ने शहीद भगत सिंह पंजाब राज्य वार्षिक पर्यावरण पुरस्कार-2026 तीन संस्थाओं को प्रदान किया। इनमें ग्राम पंचायत गांव सीचेवाल, जिला जालंधर (ग्राम पंचायत श्रेणी), स्कूल ऑफ एमिनेंस, गांव छज्जली, जिला संगरूर (संस्था श्रेणी) और सल्यूट द ट्रीज, राजपुरा, जिला पटियाला (एनजीओ/सामाजिक संस्था श्रेणी) शामिल हैं। प्रत्येक संस्था को एक लाख रुपये की नकद राशि, प्रशस्ति पत्र और चांदी की यादगारी प्लाक दिया गया।
माननीय राज्यसभा सदस्य ने पंजाब राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (पीएसएससीएसटी) द्वारा प्राप्त 553 प्रविष्टियों में से चुने गए 8 जमीनी स्तर के नवाचारियों को भी सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी सूझ-बूझ और तकनीकी जानकारी से कम लागत वाली देशी प्रौद्योगिकियों और प्रक्रियाओं को विकसित किया है।
इस अवसर पर स्टेट काउंसिल फॉर एजुकेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) को पंजाब के सरकारी स्कूलों के लिए 208 ग्रीन स्कूल पुरस्कार प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। इसी तरह, ग्रीन स्कूल कार्यक्रम के तहत ग्रीन ऑडिट करवाने में देश स्तर पर सर्वोत्तम जिला पुरस्कार प्राप्त करने के लिए जिला होशियारपुर को भी सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि पद्म श्री संत बाबा बलवीर सिंह सीचेवाल ने पर्यावरण संरक्षण और पंजाब में जल प्रदूषण कम करने संबंधी अपने विचार और अनुभव साझा किए। उन्होंने प्रदेश में मौजूद पर्यावरणीय चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए पंजाब सरकार द्वारा समयबद्ध तरीके से व्यापक उपाय किए जा रहे हैं, ताकि पंजाब को स्वच्छ और हरे-भरे पर्यावरण वाले सबसे स्वस्थ राज्यों में शामिल किया जा सके।
उन्होंने लोगों से श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं के अनुसार अपने आस-पास और पर्यावरण की संरक्षण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने ‘पवन’ को गुरु, ‘पानी’ को पिता और ‘धरती’ को माता के समान मानकर प्रकृति का सम्मान और संरक्षण करने का संदेश दिया है। उन्होंने पंजाब के नागरिकों से पर्यावरण-अनुकूल जीवन शैली अपनाने और प्रकृति तथा इसके सभी तत्वों के प्रति दया और संवेदनशीलता रखने का आह्वान भी किया।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण विभाग के सचिव श्री कमल किशोर यादव ने भी समारोह को संबोधित करते हुए राज्य में पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और नीतिगत पहल के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर शैलिंदर कौर आईएफएस, विशेष सचिव, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण-कम-निदेशक जनरल, पीजीएसएससी; आकाश बंसल डिप्टी कमिश्नर कपूरथला, डॉ. लवनीत दुबे, सदस्य सचिव, पीपीसीबी; इंजीनियर प्रीतपाल सिंह, कार्यकारी निदेशक, पीएसएससीएसटी; डॉ. अजीत दुआ, सीईओ-पीबीटीआई; डॉ. राजेश ग्रोवर, निदेशक, पीजीएसएससी और डॉ. गुरहरमिंदर सिंह, संयुक्त निदेशक, निदेशालय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन भी उपस्थित थे।
समारोह में लगभग 400 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख पर्यावरण प्रेमी, औद्योगिक प्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाएं, गैर-सरकारी संगठन और स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी शामिल थे।



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