रूस में फँसे तीन पंजाबी युवक संत सीचेवाल के प्रयासों से सुरक्षित लौटे....
- जेल में बिताए 22 दिन 22 सदियों जैसे लगे -- अशोक
- 7 दिन तक सिर्फ पानी पीकर गुजारा किया
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
रोजगार की तलाश में विदेश जाने वाले युवाओं के साथ कई बार धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आती हैं। बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर घर से दूर गए ये युवक जब अपनी मेहनत की कमाई मांगते हैं, तो कई बार उन्हें वेतन के बजाय जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है। ऐसा ही मामला रूस में सामने आया, जहां जालंधर, मोहाली और तरनतारन के तीन पंजाबी युवक फँस गए थे, लेकिन अब वे सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं।
इनमें से नक़ोदर निवासी अशोक कुमार ने सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया पहुंचकर राज्य सभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल का धन्यवाद किया और कहा कि वह सुरक्षित अपने परिवार के पास लौट आया है।
अशोक कुमार ने बताया कि जेल में बिताए गए 22 दिन उसके लिए 22 सदियों जैसे थे। उसे ऐसा लगता था कि उसे बचाने के लिए कोई नहीं आएगा। उसने बताया कि जेल में बहुत कम मात्रा में खाना दिया जाता था, जिससे सिर्फ जीवित रहा जा सके। कई बार कैदियों को करंट भी लगाया जाता था।
उसने यह भी बताया कि जेल में दिया जाने वाला खाना खाने के आधे घंटे बाद गहरी नींद आ जाती थी, जिससे जागना मुश्किल होता था। आज भी उसके शरीर में उस प्रभाव का असर महसूस होता है, मानो कोई दवा दी गई हो।
अशोक ने कहा कि ट्रैवल एजेंट द्वारा ठगे जाने के कारण वह आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुका है। उसने बताया कि वह 19 जनवरी को 3 लाख के करीब रुपये खर्च कर मॉस्को गया था। एजेंट ने उसे 90 हजार से 1 लाख रुपये मासिक वेतन, रहने-खाने की सुविधा और एक साल की नौकरी की गारंटी का भरोसा दिया था, लेकिन वहां पहुंचने पर सब कुछ झूठ निकला।
दो महीने तक काम करने के बाद जब 20 मार्च को वेतन मिलना था, तो 13 मार्च की रात ही कंपनी मालिक ने उसे और उसके साथियों को पुलिस के हवाले कर दिया। जेल में उसे 7 दिन तक केवल पानी पीकर गुजारा करना पड़ा। अशोक ने दावा कि वहां की एक बड़ी जेल में अभी भी करीब 100 भारतीय फँसे हुए हैं, जिनमें से कई इसी तरह कंपनियों के झांसे का शिकार हुए हैं।
राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पंजाब के युवाओं से अपील की है कि वे फर्जी ट्रैवल एजेंटों के झांसे में न आएं और विदेश जाने के लिए केवल अधिकृत और पंजीकृत एजेंटों का ही सहारा लें। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में एजेंट युवाओं को विदेश में बंधक बनाकर उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाकर परिवार से पैसे वसूलते हैं। उन्होंने कहा कि विदेश जाना गलत नहीं है, लेकिन सही और कानूनी तरीके से जाना बेहद जरूरी है।
गौरतलब है कि अशोक के परिवार ने 29 मार्च को संत सीचेवाल से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके प्रयासों और विदेश मंत्रालय के सहयोग से अशोक 1 अप्रैल को सुरक्षित भारत लौट आया।



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