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कपूरथला के पंडोरी मोहल्ले में नशे का कहर-- दम्पति के 4 बेटो की हो चुकी मौत, 5वां बेड पर ....

- माताओं की चीखों में उठे सवाल, “कहां गया नशे के खिलाफ युद्ध --?? ” 

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला, पंजाब   

पंजाब में नशे के खात्मे के दावों के बीच कपूरथला की सब डिवीज़न सुल्तानपुर लोधी थाने के साथ लगते पंडोरी मोहल्ले से आई दर्दनाक तस्वीरों ने इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां माताओं की चीखें और उजड़े परिवारों की कहानियां इस बात की गवाही दे रही हैं कि नशे का जाल अब भी गहराई तक फैला हुआ है।

मोहल्ले की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि नशे का कारोबार न केवल खुलेआम जारी है, बल्कि अब यह पुलिस थानों के आसपास तक पहुंच चुका है। उनका कहना है कि तस्कर मुंह ढककर मोटरसाइकिलों पर आते हैं और खुलेआम ‘चिट्टे’ की पुड़िया देकर फरार हो जाते हैं। सबसे दिल दहला देने वाली कहानी एक मां की है, जिसने नशे के कारण अपने चार बेटों को खो दिया है। उसकी आंखों में आंसू और आवाज में दर्द साफ झलकता है। 

सुल्तानपुर लोधी के पंडोरी मोहल्ले में रहने वाले जोगिंदर पाल सिंह और उनकी पत्नी मनजीत कौर भी रविवार शाम को हुए इस प्रदर्शन में शामिल हुए। मनजीत कौर ने कहा- नशे की वजह से मैं अपने मिथुन और रवि समेत 4 बेटों को खो चुकी हूं। इनमें 2 शादीशुदा और 2 कुंवारे थे। अब 32 साल का 5वां बेटा सोनू भी बिस्तर पर पड़ा है। हमें डर है कि अब इसकी भी मौत हो जाएगी। 

उसने बताया, “मैं पांच बेटों की मां हूं… चार को नशे ने मुझसे छीन लिया… और पांचवां भी बिस्तर पर पड़ा है… डॉक्टरों ने भी जवाब दे दिया है।” 

यह दर्द सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं है। मोहल्ले की कई महिलाओं ने सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई। किसी ने दो बेटों को खोया, किसी ने तीन, तो किसी का इकलौता सहारा नशे की भेंट चढ़ गया। 

एसएसपी कपूरथला गौरव तूरा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि पुरे क्षेत्र की सर्च करवाकर आरोपिओ की पहचान कर कार्यवाही की जायगी। तथा नशे से पीड़ितों को उपचार के लिए प्रेरित करते हुए उनका उपचार करवाया जायगा।  

महिलाओं के गंभीर आरोप ---

मोहल्ले की महिलाओं ने प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके में नशा आज भी सरेआम बिक रहा है। तस्कर बेखौफ होकर पुलिस स्टेशन के आसपास ही नशा बेच रहे हैं।

सरकार द्वारा चलाए जा रहे “नशे के खिलाफ युद्ध” का जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा।

एक अन्य बेबस मां ने अपने छोटे-छोटे पोतों की ओर इशारा करते हुए प्रशासन से गुहार लगाई, “हमारे बेटे तो चले गए, अब कम से कम इन मासूमों को बचा लो।”

महिलाओं का कहना है कि जब ‘बाबा नानक की नगरी’ में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस थानों के नजदीक नशा बिक रहा है, तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजिमी है।

पंडोरी मोहल्ले की यह तस्वीर न सिर्फ प्रशासन के लिए चेतावनी है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर संकेत भी है। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो नशे की यह आग और भी घरों को राख कर सकती है।  

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