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हौसलों की उड़ान -- कपूरथला की बेटी ने दक्षिण अफ्रीका के सबसे ऊंचे पर्वत पर फहराया तिरंगा .....

- अफ्रीका का सबसे ऊंचा पर्वत माउंट किलिमंजारो विश्व की चौथी सबसे ऊंची स्वतंत्र चोटी मानी जाती 

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला     

कपूरथला की बेटी नवप्रीत कौर बसरा ने दक्षिण अफ्रीका के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट किलिमंजारो (5895 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर एक नया इतिहास रच दिया है। वह जिले की पहली महिला बन गई हैं, जिन्होंने इस विश्व प्रसिद्ध पर्वत की चोटी को फतह कर अपना और अपने शहर का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। 

नवप्रीत कौर बसरा वर्तमान में गवर्नमेंट आईटीआई वूमेन खीरांवाली कपूरथला में कॉस्मेटोलॉजी में मास्टर डिग्री हासिल कर कार्यरत हैं। कपूरथला के गुरु तेग बहादुर नगर वासी साधारण पृष्ठभूमि वाली नवप्रीत ने अपने दृढ़ संकल्प, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर इस कठिन लक्ष्य को हासिल किया। माउंट किलिमंजारो, जो अफ्रीका का सबसे ऊंचा पर्वत और विश्व की चौथी सबसे ऊंची स्वतंत्र खड़ी चोटी मानी जाती है, को फतह करना किसी भी पर्वतारोही के लिए बड़ी चुनौती होती है।  

लगभग 5895 मीटर (करीब 19,341 फीट) की ऊंचाई तक पहुंचना शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बेहद कठिन होता है। इसके लिए लंबे समय तक अभ्यास, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत होती है, जिसे नवप्रीत ने पूरी निष्ठा के साथ साबित किया। नवप्रीत ने इस उपलब्धि से पहले भी कई पर्वतीय अभियानों में भाग लिया है।  

उन्होंने बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स ‘ए ग्रेड’ के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने ब्यास कुंड ट्रैक (लगभग 12,772 फीट) तक पहुंच बनाई। इसके अलावा सिथित धार बेस कैंप (लगभग 15,500 फीट) और पतलसू पीक (लगभग 12,500 फीट) जैसी ऊंचाइयों को भी सफलतापूर्वक पार कर अपने अनुभव को मजबूत किया।  

उन्होंने बताया कि किलिमंजारो की चढ़ाई उनके लिए आसान नहीं थी। ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन की कमी, ठंड और थकान जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपनी कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच के चलते उन्होंने अंततः शिखर तक पहुंचकर तिरंगा लहराया।  

नवप्रीत कौर बसरा की इस सफलता से न केवल कपूरथला बल्कि पूरे पंजाब में गर्व की लहर है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में नहीं आ सकती।  

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी है। उनके परिवार ने भी इस सफलता पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि नवप्रीत ने अपने सपनों को साकार कर पूरे परिवार और शहर का नाम ऊंचा किया है। नवप्रीत की यह उपलब्धि खासकर युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।  

उन्होंने यह संदेश दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और यदि उन्हें अवसर और समर्थन मिले, तो वे हर ऊंचाई को छू सकती हैं। 

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