कपूरथला में पंजाब सरकार का पुतला जलाया ...
- टीचरों की सेवाओं की रक्षा करने के बजाय पुलिस टॉर्चर के खिलाफ प्रदर्शन
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
कपूरथला में आज पंजाब भर के टीचर संगठनों के तहसील लेवल पर पंजाब सरकार का पुतला जलाने के प्रोग्राम के तहत, जिले के सभी टीचर संगठनों ने कपूरथला, सुल्तानपुर लोधी, फगवाड़ा और भोलथ में पंजाब सरकार का पुतला जलाया।
शालीमार बाग में गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन के स्टेट वाइस प्रेसिडेंट रछपाल सिंह वड़ैच, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (दिग्विजय) के स्टेट सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सरवन सिंह औजला, डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट चरणजीत सिंह, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (विक्रमदेव) के डिस्ट्रिक्ट जनरल सेक्रेटरी तेजिंदर सिंह, टीचर्स यूनियन पंजाब के डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट सुखदयाल सिंह झंड और टीचर्स यूनियन के सीनियर लीडर गुरमुख सिंह बाबा की लीडरशिप में बड़ी संख्या में टीचरों ने पंजाब सरकार और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के कहने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा TET को पूरी तरह से गैर-ज़रूरी और गैर-संवैधानिक तरीके से लागू करने, बजट सेशन के दौरान टीचरों की सर्विस सिक्योरिटी के लिए बिल न लाने, सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन न दायर करने, शिक्षा विभाग द्वारा कुछ वर्गों को TET से छूट देने वाले पत्र को न मानने, विरोध के दौरान वाटर कैनन, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों के अंधाधुंध इस्तेमाल, टीचरों को घायल करने और देश बनाने वाले टीचरों के सम्मान और गरिमा को नुकसान पहुंचाने के विरोध में पंजाब सरकार का पुतला जलाया गया है।
नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में टीचरों की कोई भी समस्या हल करने के बजाय, टीचरों के हर वर्ग पर सिर्फ पुलिसिया ज़ुल्म का सहारा लिया है। पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली का लचर नोटिफिकेशन जारी करने के बावजूद उसे अभी तक लागू नहीं किया गया, वेतन पुनरीक्षण का बकाया, महंगाई भत्ते की बाकी किश्तें और जारी किश्तों का बकाया धूल में मिला दिया गया, पुनरीक्षण के नाम पर रोके गए सभी भत्ते बहाल नहीं किए जा रहे, वेतन आयोग की पूरी रिपोर्ट जारी नहीं की गई, स्कूलों में अध्यापकों और स्कूल मुखियाओं के हजारों पद खाली होने के बावजूद बेरोजगार अध्यापकों को रोजगार नहीं दिया जा रहा।
सरकार खजाना भरने का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन अध्यापकों की आर्थिक दिक्कतों का हल नहीं किया जा रहा, अधिकांश अध्यापक फरवरी महीने के वेतन के लिए तरस रहे हैं। इन दिक्कतों का हल करने की बजाय सेवारत अध्यापकों के सिर पर छंटनी की तलवार लटका दी गई है।
इस प्रदर्शन में जीटीयू नेता गुरमेज सिंह तलवंडी, ज्योति महिन्द्रू, जैमल सिंह, हरप्रीत सिंह दविंदर सिंह अवतार सिंह, मलकीत सिंह, दीपक आनंद, पंकज सपरा एसएलए शामिल थे। सचिव आशीष कुमार, सुखजिंदर धोलन, रमेश भेटन, हरदेव खानोवाल, मैडम सतविंदर कौर, मीनाक्षी, मनप्रीत कौर, परमजीत कौर, सरबजीत कौर, सतविंदर कौर आदि भी मौजूद थे।



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