बिक्रम सिंह मजीठिया नाभा जेल से हुए रिहा-- बोले, जितना दबाया उतनी ताकत मिली ...
- जिन्होंने उनके लिए अरदास की, उनके लिए वह तहेदिल से आभारी है
खबरनामा इंडिया ब्यूरो। पंजाब
पंजाब के पूर्व मंत्री एवं शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया आज मंगलवार को नाभा जेल से बाहर आ गए। जेल से बाहर निकलते ही उन्होंने हाथ जोड़कर समर्थकों का अभिवादन किया और इसके बाद मूंछों पर ताव देते हुए जोश में नजर आए।
समर्थकों को संबोधित करते हुए मजीठिया ने कहा कि सरकार ने उन्हें जितना दबाने की कोशिश की, उतनी ही ताकत गुरु साहिब से उन्हें मिली। उन्होंने कहा कि दिल्ली के हुक्मरानों के साथ ईंट से ईंट टकरानी है और इसी संघर्ष से उन्हें नई प्रेरणा मिली है। मजीठिया ने भावुक अंदाज में कहा कि जेल में भी वह भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के नाम वाले तकिए घुटनों के नीचे रखकर सोते थे।
मजीठिया ने अपने समर्थकों खासकर माताओं-बहनों और मजीठा हलके के लोगों का आभार जताया और कहा कि जिन्होंने उनके लिए अरदास की वह उसके लिए तहेदिल से आभारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चाहती थी कि वह जेल से जिंदा बाहर न आएं। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री मान का बस चलता तो वह उन्हें भी मरवा देते, जैसे सिद्धू मूसेवाला को मरवाया गया।
समर्थकों को संबोधित करने के बाद मजीठिया पटियाला स्थित एक गुरुद्वारा साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने माथा टेका। अकाली दल के प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने बताया कि रिहाई के बाद मजीठिया अमृतसर या चंडीगढ़ जा सकते हैं।
जेल से बाहर आकर मजीठिया ने कहा कि यदि जेल में किसी मुलाजिम, अफसर, हवालाती या कैदी को उनके कारण कोई परेशानी हुई हो तो वह दिल से माफी मांगते हैं। उन्होंने संत-महापुरुषों का आभार जताते हुए कहा कि गुरु साहिब की अपार कृपा से ही वह इस कठिन समय से बाहर आ सके।
मजीठिया ने बताया कि उनकी पत्नी उन्हें हमेशा संदेश देती थीं कि लड़ाई अच्छे तरीके से लड़नी है। डेरा बाबा ब्यास के संत भी उनसे मिलने जेल पहुंचे थे। उन्होंने कहा, “मैं तो माड़े से माड़ा हूं, सब कुछ गुरु साहिब की मेहर है।”




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