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RCFEU की महत्वपूर्ण जनरल काउंसिल मीटिंग संपन्न ...

- 16 जुलाई के ऐतिहासिक अधिवेशन की रणनीति पर मंथन   

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला    

रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में RCFEU की एक महत्वपूर्ण जनरल काउंसिल मीटिंग RCF के वर्कर क्लब में संपन्न हुई। जिसका मुख्य उद्देश्य आगामी 16 जुलाई को प्रस्तावित यूनियन के अधिवेशन की तैयारियों की समीक्षा करना और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर गहन चर्चा करना था।

मीटिंग का संचालन करते हुए RCFEU के कार्यकारी अध्यक्ष मनजीत सिंह बाजवा ने आगामी 16 जुलाई को होने वाले अधिवेशन के महत्व पर जानकारी दी। इस अधिवेशन को RCF के इतिहास में एक मील का पत्थर बनाने के उद्देश्य से विस्तारपूर्वक रणनीति पर चर्चा की।  

यूनियन के वरिष्ठ उप प्रधान  बचितर सिंह ने कारखाने की स्थिति से कर्मचारियों को अवगत कराते हुए कहा कि शैल शॉप में जो सामग्री आ रही है उसमें काफी मिसमैच है एक कोच के सभी सामग्री जिससे कि पूरा सेल तैयार हो सके नहीं आ रही जो कि प्रशासन के लापरवाही का एक नमूना है जिससे कि कर्मचारियों का भी इंसेंटिव में काफी नुकसान हो रहा है। इसके लिए कर्मचारियों को सचेत रहते हुए संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा।  

यूनियन के चेयरमैन IRTSA प्रधान दर्शन लाल ने लोगों को संबोधित करते हुए यह बताया की वन इंडस्ट्रीज वन यूनियन के नारे पर आरसीएफ में हुए चुनाव में आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन इकलौती यूनियन मान्यता में आई है इसका सिर्फ एक ही एक कारण है कि आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन हमेशा ही कर्मचारी के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य करती है और उनके लिए संघर्ष करती है।

यूनियन के प्रधान अमरीक सिंह ने कहा कि यह अधिवेशन न केवल कर्मचारियों की एकजुटता का प्रतीक बनेगा, बल्कि उनके हक और अधिकारों की लड़ाई को एक नई दिशा भी देगा। बैठक में उपस्थित सैकड़ों डेलीगेट कर्मचारियों से अधिवेशन को सफल बनाने के लिए कमर कस लेने को कहा और सभी पदाधिकारी और डेलीगेट की जिम्मेदारियां (ड्यूटी) तय की  और साथ में सभी डेलीगेट्स ने सर्वसम्मति से यह आह्वान किया कि आरसीएफ का प्रत्येक कर्मचारी इस अधिवेशन में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे, ताकि यह वास्तव में एक ऐतिहासिक आयोजन बन सके।  

यूनियन के जुझारू और कर्मठ महासचिव सर्वजीत सिंह ने इस अवसर पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई लंबित और जटिल मामलों को सबके सामने रखा और उनके समाधान के लिए यूनियन की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने विशेष रूप से रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (आरआरबी) से आरसीएफ में आए कर्मचारियों के हक मिलने में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों को उनके नियमानुसार हक और लाभ मिलने चाहिए। महासचिव ने उनकी वरीयता सूची (सीनियरिटी लिस्ट) में विसंगतियों और उन्हें वर्कशॉप में भेजने संबंधी लंबित मुद्दों पर भी प्रकाश डाला। यूनियन ने दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि इन कर्मचारियों को उनका उचित स्थान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, महासचिव ने टीकेजी (बांग्ला पियोन) कर्मचारियों के मुद्दों पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने इन कर्मचारियों की सेवा शर्तों, उनके वैधानिक हक अधिकारों और उनके संबंध में जारी वार्ता (नेगोशिएशन) की वर्तमान स्थिति पर जानकारी दी। यूनियन ने यह स्पष्ट किया कि टीकेजे कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और उन्हें न्याय दिलाना भी उनकी प्राथमिकताओं में से एक है।  

इन प्रमुख मुद्दों के साथ-साथ, अन्य विविध कर्मचारी संबंधी चिंताओं पर भी चर्चा की, जिनमें कल्याणकारी योजनाएं, कार्यस्थल पर सुरक्षा, और बेहतर कार्य परिस्थितियाँ शामिल थीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यूनियन सभी कर्मचारियों की आवाज बनेगी और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए अथक प्रयास करती रहेगी।

बैठक में उपस्थित सैकड़ों कर्मचारियों ने यूनियन के आह्वान पर जोरदार नारेबाजी की और अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। उन्होंने यूनियन नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया और आगामी अधिवेशन को सफल बनाने तथा अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया। यह बैठक कर्मचारियों के बीच उत्साह और नई ऊर्जा का संचार कर गई।

इस मीटिंग में यूनियन के अन्य पदाधिकारी जसपाल शेखों, हरविंदर पाल, प्रदीप सिंह,  भारत राज, तलविंदर सिंह, त्रिलोचन सिंह, अरविंद कुमार साह, संजीव कुमार, जगदीप सिंह, संदीप कुमार, अवतार सिंह, हरप्रीत सिंह, अश्विनी कुमार, अनिल कुमार , अवतार सिंह, निर्मल सिंह आदी मौजूद थे। 

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