मानव एकता दिवस के उपलक्ष्य में खूनदान केंप --- 150 यूनिट हुआ रक्तदान ....
- संत निरंकारी मिशन की ओर से निष्काम सेवा का अनुपम संकल्प
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
प्रेम और भाईचारे की भावना को उजागर करता ‘मानव एकता दिवस’, निरंकारी मिशन द्वारा प्रति वर्ष 24 अप्रैल को बाबा गुरबचन सिंह जी की पावन स्मृति में श्रद्धा और आध्यात्मिक भावनाओं से परिपूर्ण वातावरण में आयोजित किया जाता है। यह दिन केवल पुण्य स्मरण का अवसर नहीं, अपितु मानवता, सौहार्द और एकत्व की भावनाओं का एक आत्मिक संगम है।
संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा पूरे भारतवर्ष की लगभग 500 से अधिक ब्रांचों पर भव्य रक्तदान शिविरों की अविरल शृंखला आयोजित की गई। इसी क्रम में कपूरथला के गोल्डन एवेन्यू स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जहां मिशन के श्रद्धालु भक्तों के साथ साथ सेकड़ो शहरवासी भी सम्मिलित हुए। सभी ने पूर्ण उत्साह और समर्पण के साथ स्वेच्छा भाव से रक्तदान कर मानव कल्याण में अपना सहयोग दिया।
कपूरथला जोन के जोनल इंचार्ज गुलशन लाल आहूजा ने बताया कि युगदृष्टा बाबा गुरबचन सिंह जी ने सत्य बोध के माध्यम से समाज को अंधविश्वासों और कुरीतियों से मुक्त कर, नशा मुक्ति, सादा विवाह और युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ जोड़ने जैसे लोक-कल्याण कारी अभियानों की प्रेरक शुरुआत की। उनके पावन मार्गदर्शन को आगे बढ़ाते हुए बाबा हरदेव सिंह जी ने “रक्त नाड़ियों में बहे, नालियों में नहीं” का अमर संदेश देकर रक्तदान को मिशन की आध्यात्मिक सेवा का अभिन्न अंग बना दिया।
यह संदेश आज भी प्रत्येक निरंकारी भक्त के हृदय में सेवा और समर्पण की प्रेरक लौ बनकर जीवंत है। यह दिवस चाचा प्रताप सिंह जी सहित उन सभी समर्पित बलिदानी संतों की पुण्य स्मृति का प्रतीक है, जिन्होंने मानव एकता, निःस्वार्थ सेवा और आध्यात्मिक चेतना के मार्ग पर चलते हुए अपना संपूर्ण जीवन अर्पित कर दिया। मानव एकता दिवस उन्हीं संतों के दृढ़ विश्वास व संकल्प की प्रेरणा को जीवंत करता है।
इस रक्तदान शिविर में कपूरथला सिविल अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने सिविल सर्जन डा. राजीव पराशर और बीटीओ डा. शिल्पा की अगवाई में 150 यूनिट रक्त एकत्रित किया। यहां यह भी बताने योग्य हैं कि इस कैंप में मिशन द्वारा स्वच्छता का विशेष ध्यान और रक्तदाताओं के लिए उत्तम जलपान व्यवस्था ने इस सेवा को और भी व्यवस्थित एवं सम्मान जनक बनाया। यह महाअभियान केवल रक्तदान नहीं, बल्कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की करुणा, सेवा और एकत्व के संदेश को जीवन में उतारने का सजीव माध्यम है जो हमें सिखाता है कि मानवता ही सर्वाेच्च धर्म है। इसी प्रेरणा से प्रेरित संत निरंकारी मिशन, सेवा और समर्पण के पथ पर निरंतर मानवता का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।


















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