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खाड़ी देशो में फंसी 9 पंजाबी युवतियो की हुई वतन वापिसी ....

- युवतिओं के परिजनों ने संत सीचेवाल के जताया आभार  

- सीचेवाल बोले --- खाड़ी देशों में लड़कियां बेचने का सिलसिला नहीं थम रहा  

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला, पंजाब     

ट्रैवल एजेंटों दवारा मानव तस्करी करते हुए खाड़ी देशों में बेची गई पंजाबी युवतिओं में से 9 की वतन वापिसी हुई है। यह युवतियां इराक, ओमान और कतर में ट्रैवल एजेंटों ने भारी रकम लेकर बेचीं गई थी। वहीँ खाड़ी देशों से लौटीं लड़कियों ने बताया कि ओमान में अभी भी 20 से 25 लड़कियां एक जगह फंसी हुई हैं। जहां बेबस लड़कियों के साथ जानवरों से भी बदतर सुलूक किया जा रहा है।  

वतन लौटी युवतिओं ने यह भी बताया कि जैसे ही वह एयरपोर्ट से बाहर निकलीं, तभी उनसे पासपोर्ट ले लिया गया और उन्हें एक बहुमंजिला इमारत में रखा गया। जिसे ऑफिस के तौर पर इस्तेमाल करती थीं। यहीं से युवतिओं को काम पर भेजा जाता था और जब वह ऑफिस लौटती थीं तो उन्हें कमरे में बंद कर दिया जाता था। यह कमरे उनके लिए जेल की तरह थे। क्योंकि कमरे बाहर से बंद करके रखे थे। इनमें से 3 युवतियां निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी पहुंचीं है। उन्होंने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि कैसे खाड़ी देशों में 35 से 40 हजार प्रति माह वेतन का लालच देकर उन्हें अमानवीय यातनाएं दी गईं।  

बता दे कि संत बलबीर सिंह सीचेवाल दवारा खाड़ी देशों से अभी तक 100 से अधिक लड़कियों को सुरक्षित घर लाया गया है। जालंधर के एक गांव की लड़की जो हाल ही में इराक से आई थी। उसे महिला ट्रैवल एजेंट ने इस हद तक प्रताड़ित किया कि वह अभी भी इस सदमे से उबर नहीं पा रही है।  

एक युवती की मां ने बताया कि उसकी बेटी को उसकी चाची इराक ले गई थी। उसकी चाची अभी भी उसे धमकी दे रही है और इराक में खर्च किए गए पैसे की मांग कर रही है। पीड़ित लड़की की मां ने कहा कि उनकी बेटी को इतना प्रताड़ित किया गया कि वापस आने के बाद भी लड़की डिप्रेशन में है और जब से वह घर लौटी, तब वह डरी सहमी रहती है। जिला जालंधर में रहने वाली ओमान की एक अन्य पीड़िता ने बताया कि उसे वहां घरों में काम करने के लिए भेजा गया था। वहां उसके साथ बहुत दुर्व्यवहार और शारीरिक शोषण किया गया। पीड़िता ने बताया कि जब उसने विरोध किया तो उसे बुरी तरह पीटा गया।  

वहीं राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पंजाब के लोगों से अपील की है कि अपनी बेटियों को खाड़ी देशों में भेजने से बचें। इन देशों में फंसी लड़कियों की कहानियां बहुत दुखद हैं। उन्हें अच्छे वेतन और अच्छे भविष्य का वादा कर फुसलाते हैं। और बाद में उन्हें उन देशों में नारकीय जीवन जीने के लिए छोड़ देते हैं। जहां उन्हें तरह-तरह की यातनाएं सहनी पड़ती हैं और वतन वापस लौटने के रास्ते बिल्कुल बंद हो जाते हैं।  

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