RCF कर्मिओ दवारा 3 नए अपराधिक कानूनों को रद्द करवाने की मांग, राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन ...
- कानून इंसाफ की बजाय सजा के सिद्धांत पर है आधारित
- RCF बचाओ संघर्ष कमेटी 8 अगस्त को DC कपूरथला को भी देगी मेमोरेंडम
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
RCF बचाओ संघर्ष कमेटी रेल कोच फैक्टरी द्वारा 3 अपराधिक कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर GM रेल कोच फैक्टरी के माध्यम से देश के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया है। बस्तीवादी विरासत से पीछा छुड़वाने के नाम पर लोकतांत्रिक देश को पुलिस राज बनाने के खिलाफ, RCF कपूरथला की सभी मान्यता प्राप्त यूनियनों व एसोसिएशनों, RCF के सभी कर्मचारी संगठनों, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया।
सैकड़ों कर्मचारियों ने आज बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक से रोष मार्च निकाला। जिसके बाद GM रेडिका को मांग पत्र सोपा गया। RCF बचाओ संघर्ष कमेटी के नेताओं ने कहा कि बस्तीवादी विरासत से पीछा छुड़वाने के नाम पर 1 जुलाई 2024 को थोपे गए 3 नए आपराधिक कानून असल बस्तीवादी कानूनों की धार को और तीखा करेंगे। यह कानून भी इंसाफ की बजाय सजा के सिद्धांत पर आधारित हैं और यह बुनियादी मानवाधिकारों के खिलाफ हैं।
नेताओं ने कहा कि संकट के खिलाफ संघर्ष करते लोगों को दबाने के लिए ऐसे ही कानून बनाए गए हैं। और लोगों को कंट्रोल में रखने के लिए डरा कर रखने पर टेक रखी गई है। इन नए अपराधिक कानूनों के खिलाफ संयुक्त संघर्ष समय की जरूरत है।
राजेंद्र सिंह जोनल सचिव RCF मेंस यूनियन ने कहा कि 3 नए अपराधिक कानून बुनियादी मानवी, ट्रेड यूनियन, शांति पूर्ण संघर्ष करने जैसे बुनियादी अधिकारों पर हमला है। RCF बचाओ संघर्ष कमेटी द्वारा इसके खिलाफ 8 अगस्त 2024 दिन वीरवार को दोपहर 12 बजे DC कपूरथला को भी मेमोरेंडम दिया जाएगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों को इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर भविष्य में तय किए जाने वाले प्रोग्रामों में बढ़ चढ़ कर शामिल होने की अपील की है।
विरोध प्रदर्शन में सर्वजीत सिंह, अमरीक सिंह, परमजीत सिंह खालसा, मनजीत सिंह बाजवा, राजेंद्र सिंह, राजवीर शर्मा, तालिब मोहम्मद, दर्शन लाल, जगतार सिंह, सोहन लाल बैठा, अरविंद कुमार व बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।
















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