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लिफ्टिंग टैकल टूटने से PLW में कर्मचारी की दर्दनाक मौत ...

- दोषी अधिकारियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए --- IREF 

- रेलवे में बढ़ रही आउटसोर्सिंग की वजह से एक्सीडेंट में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी   

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला     

12 अगस्त को पटियाला लोकोमोटिव वर्कशॉप के लोको असेंबली शॉप (LAS) में अपनी ड्यूटी दौरान कार्य कर रहे कर्मचारी रजनीश दुबे पर लिफ्टिंग टेकल टूटने की वजह से लोको गिर गया जिससे कर्मचारी रजनीश दुबे कुचला गया तथा अस्पताल लेकर जाते समय उसने दम तोड़ दिया।

इस मामले में इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय संगठन सचिव जुमेरदिन ने कहा कि यह एक्सीडेंट/दुर्घटना एकदम से घटित नहीं हुआ इसके पीछे रेलवे/PLW प्रशासन द्वारा लगातार सुरक्षा की उड़ाई जा रही धज्जियों की विस्तृत रूपरेखा है।  

उन्होंने कहा कि प्रशासन का एकमात्र ध्यान केवल उत्पादन पर रहता है .उन्हें घटिया मशीनरी, घटिया मटेरियल, घटिया कार्य प्रणाली व कर्मचारियों की वेलफेयर इत्यादि से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि प्रशासनिक नालायकी से हुई कर्मचारी की दर्दनाक मौत से पटियाला लोकोमोटिव वर्कशॉप के सभी कर्मचारी शोक ग्रस्त तथा प्रशासन के विरोध में जबरदस्त आक्रोर्षित हैं। जिसके चलते कर्मचारी परिषद की अगुवाई में सभी कर्मचारी लोको असेंबली शॉप में प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं व जब तक दोषी अधिकारी का तत्काल ट्रांसफर, उक्त दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच, ड्यूटी रोस्टर को पूर्ण लागू करना, कार्य प्रणाली में सुधार, LAS के वर्कस मैनेजर को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करना, कर्मचारी के परिवार को CGA का लाभ व एक्सग्रेसिया इत्यादि मांगे नहीं मानी जाती तब तक रोष प्रदर्शन जारी रहेगा।

इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन के महामंत्री सर्वजीत सिंह ने कहा कि रेलवे में आउटसोर्सिंग बे-लगाम घोड़े की तरह दौड़ रही है, कमीशनखोरी के चक्कर में घटिया मशीनरी जानबूझकर खरीदी जा रही है, नई भर्ती न के बराबर हो रही है, बिना इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाएं उत्पादन कई गुना बढ़ाने का दबाव ही नहीं बनाया जा रहा बल्कि उसकी चक्की में कर्मचारियों को जबरन पीसा जा रहा है, ड्यूटी रोस्टर की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।   

कर्मचारियों से रेस्ट वाले दिन जबरन ड्यूटी करवाई जाती है मना करने पर धमकियां व चार्जशीट जारी की जाती है, कोचों में जानबूझकर घटिया गुणवत्ता का मटेरियल लगवाया जाता है, गंभीर सेफ्टी मापदंडों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है, जिसके नतीजन हर रोज रेल दुर्घटनाओं में आम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है, रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला, बनारस लोकोमोटिव वर्कशॉप, पटियाला लोकोमोटिव वर्कशॉप, मॉडर्न कोच फैक्ट्री रायबरेली, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चैत्रई इत्यादि कारखाने तथा भारतीय रेलवे में इन्हीं कारणों के चलते रोजाना गंभीर दुर्घटनाएं हो रही है, लेकिन प्रशासन इनसे सबक लेने के बजाय आउटसोर्सिंग, ठेकेदारी, ऑफलोडिंग इत्यादि के माध्यम से रेलवे को घुण की तरह चाट रहे हैं, और भारत सरकार की कर्मचारी व देश विरोधी नीतियों व भ्रष्टाचारी अधिकारियों की बली देश के आमजन व रेल कर्मचारियों को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ रही है।

सर्वजीत सिंह ने कहा कि उपरोक्त मामलों में रेल अधिकारियों तक बार-बार पहुंच करने के बावजूद इस पर ध्यान देने की बजाय इन्हें अपनी कमीशनखोरी की ज्यादा चिंता है, इसलिए यह अति गंभीर मामले अब असहनयोग है, अगर प्रशासन ने इन पर जल्द सुधार नहीं किया तो इंडियन रेलवे इंप्लाइज फेडरेशन आक्रोशित रेलवे कर्मचारियों को साथ लेकर रेलवे/भारत सरकार के खिलाफ संघर्ष करेगी।  

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