पवित्र काली बेईं की कारसेवा सिल्वर जुबली वर्ष में दाखिल ---
- बेईं की कारसेवा ने पंजाब में पर्यावरण जागरूकता आंदोलन खड़ा किया -- संत सीचेवाल
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
श्री गुरु नानक देव जी के चरण स्पर्श पवित्र बेईं की कार सेवा की 24वीं वर्षगांठ के अवसर पर पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए कहा कि बेईं की कार सेवा 25वें वर्ष में प्रवेश कर गई है। जिसके समागम पूरे साल चलेंगे। संत सीचेवाल ने कहा कि इन 24 वर्षों में किए गए कार्यों से पंजाब में पर्यावरण जागरूकता की लहर आई है, लोगों का रुझान पेड़-पौधे लगाने और जल संरक्षण की ओर बढ़ा है।
पवित्र काली बेईं पर स्थापित गुरुद्वारा गुरुप्रकाश साहिब में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि पवित्र काली बेईं में पड़ रही गंदगी को रोकने के लिए अंतिम ट्रीटमेंट स्थापित हो गया है और अब यह देश की पहली नदी बन गई है। जिसे संगतों द्वारा पुनर्जीवित किया गया है।
श्री गुरु नानक देव जी के श्लोकों के अनुसार दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी जिन चुनौतियों का सामना कर रही है उनका संपूर्ण समाधान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के श्लोकों में है, जरूरत है तो बस उस पर अमल करने की।
इस मौके पर वक्ताओं ने 24 वर्षों की कार सेवा की सराहना करते हुए इसका श्रेय संगतों को दिया। उन्होंने कहा कि संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कार सेवा के दौरान आने वाली कठिनाइयों और चुनौतियों का डटकर सामना किया। वक्ताओं ने कहा कि 24 वर्षों के दौरान प्रशासनिक कठिनाइयां की चिंता किये बिना संगतो ने दिन रात कारसेवा की। वक्ताओं ने कारसेवा का नेतृत्व कर रहे संत बलबीर सिंह सीचेवाल को दूरदर्शी बताया।
विश्व चिंतक डॉ. स्वराज सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने कार सेवा के 24 वर्ष देखे हैं। उन्होंने कहा कि संत सीचेवाल ने कार सेवा की सारी शक्ति श्री गुरु ग्रंथ साहिब से ली है। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन को विश्व का सर्वोत्तम दर्शन बताते हुए कहा कि यह जीवन की संपूर्ण परीक्षा के गुणों का वर्णन करता है और यह दर्शन मनुष्य को भटकन से शांति की ओर ले जाता है।
पंजाब के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार बलतेज़ सिंह पन्नू ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब सरकार सुल्तानपुर लोधी और पवित्र काली बेईं के काम में कोई कमी नहीं आने देगी। उन्होंने पंजाब में संत बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा स्थापित पर्यावरण जागरूकता आंदोलन की सराहना की और कहा कि उन्होंने हमें पेड़ों और पानी के महत्व का एहसास कराया।
वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य रूप से पहुंचे राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा ने कहा कि वह पहली बार ऐतिहासिक शहर सुल्तानपुर लोधी आए हैं। उन्होंने 24 वर्षों में संत बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा पवित्र बेईं की बदली नुहार को पंजाबियों के लिए एक महान उपहार बताया।
कार्यक्रम के अंत में गतके खिलाड़ियों ने गतके के जोहर दिखाए। गुरुद्वारा साहिब परिसर में पौधे लगाए गए और श्रद्धालुओं को लगभग 2000 पौधे वितरित किए। स्टेज सचिव की भूमिका संत सुखजीत सिंह सीचेवाल ने बखूबी निभाई। संत अवतार सिंह मेमोरियल स्कूल के बच्चों द्वारा कीर्तन किया गया तथा ढाडी जठ्या ने श्रद्धालुओं को गुरबाणी से जोड़ा। दोआबा मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन की ओर से मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया।
पवित्र बेईं की कारसेवा के साल भर चलने वाले कार्यक्रमों के दौरान पर्यावरण के क्षेत्र में प्रतिष्ठित हस्तियों को प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसकी शुरुआत आज पर्यावरणविद् एवं राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने तीन प्रशंसा पत्र देकर की। इनमें अयोध्या से चलकर पूरे देश में पर्यावरण का संदेश फैलाने वाले आशुतोष पांडे को पहला प्रसंशा पत्र, दूसरा प्रसंशा पत्र मास्टर मनोज शर्मा को, जिन्होंने स्कूल में नर्सरी की स्थापना की, जहां बच्चे खुद पौधे तैयार कर रहे हैं मुफ्त में वितरित किया जा रहे है और तीसरा प्रसंशा पत्र जसबीर सिंह को दिया गया, जिन्होंने बेईं की कारसेवा की गाथा को 'बेईं नामा' के रूप में लिखा था।















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