बुड्ढा दरया में डेयरियों के प्रदूषण को रोकने की व्यवस्था देखने हेतु प्रतिनिधिमंडल पहुँच अवतार गौशाला ...
- पंजाब की विरासत सतलुज दरिया जब तक प्रदूषण से मुक्त नहीं होती तब तक युद्ध जारी रहेगा --- संत सीचेवाल
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
बुड्ढे दरया में डेयरियों के गोबर और मल को रोकने के लिए नगर निगम के अतिरिक्त कमिश्नर परमदीप सिंह खैहरा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अहली कलां में अवतार गौशाला और संत बलबीर सिंह द्वारा स्थापित डल्ला साहिब और तलवंडी माधो गांवों के उपचार संयंत्रों और सीचेवाल की नर्सरियों का दौरा किया। बुड्ढे दरिया में डेयरियों का मलमूत्र रोकना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा डेयरियों के बिजली कनेक्शन काटने के बावजूद बुड्ढे दरिया में डेयरियों का मलमूत्र गिरना बंद नहीं हो रहा है। सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल की लुधियाना प्रशासन के साथ हुई बैठक में दावा किया गया कि वे करीब 300 गायों वाली गौशाला की देखभाल कर रहे हैं। भले ही यह गौशाला पवित्र नदी के तट पर है, फिर भी वे गंदे पानी की एक बूंद भी नदी में नहीं गिरने देते। संत सीचेवाल प्रतिनिधिमंडल को गौशाला के दौरे पर ले गए और उन्हें दिखाया कि वे गाय के गोबर का प्रबंधन कैसे करते हैं और वह भी बिना पानी डाले। प्रतिनिधिमंडल इस बात से आश्चर्यचकित था कि गोबर का प्रबंधन बहुत अच्छे तरीके से किया जा रहा था और स्वच्छता के साथ-साथ पशुओं के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा था।
संत सीचेवाल ने नगर निगर के अतिरिक्त आयुक्त परमदीप सिंह को पवित्र बेईं की कारसेवा के 24 साल के इतिहास के बारे में बताया कि कैसे उन्होंने इन चुनौतीपूर्ण वर्षों में संगत की मदद से नदी को फिर से प्रवाहित किया। डल्ला साहिब और तलवंडी माधो में स्वदेशी तकनीक से गांव के गंदे पानी के ट्रीटमेंट और दोबारा इस्तेमाल का मॉडल देखकर प्रतिनिधिमंडल हैरान रह गया। उन्होंने कहा कि ये पंजाब के सबसे अच्छे गांव हैं, जहां अपशिष्ट जल का उपचार किया जाता है और कृषि के लिए पुन: उपयोग किया जाता है। वर्षा जल को धरती में रिचार्ज करने का मॉडल भी दिखाया गया।
सीचेवाल में चल रही 2 नर्सरी के बारे में बताते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि एक नर्सरी की देखभाल सेवादार कर रहे हैं और दूसरी नर्सरी में गांव की 5 महिलाओं को भी मनरेगा के तहत काम मिला है और वे पौधे तैयार कर उनकी देखभाल कर रही हैं। इस मौके पर संत सीचेवाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि पंजाब की विरासती नदी सतलुज नदी को प्रदूषित करने का अभियान युद्ध स्तर पर जारी रहेगा। प्रतिनिधिमंडल में आये सभी विभूतियों को संत सीचेवाल ने पौधे देकर एवं सरोपे पहनाकर सम्मानित किया।
इस प्रतिनिधिमंडल में लुधियाना नगर निगम के एक्सियन स्तर के दो अधिकारी और लुधियाना शहर की 8 गौशालाओं के 5 प्रतिनिधि भी शामिल थे।















No comments