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राज्यसभा में उठा पराली का मुद्दा ---- सीचेवाल ने कहा, पंजाब के किसानों को जानबूझ कर बदनाम किया जा रहा ....

- नए संसद भवन में पहली बार संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने दिया भाषण    

खबरनामा इंडिया ब्यूरो। पंजाब      

राज्यसभा सदस्य और पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने शीतकालीन संसद सत्र में पहली बार बोलते हुए सत्र के पहले दिन पराली जलाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पराली को लेकर पंजाब के किसानों को जान बूझकर बदनाम किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि दिल्ली पूरे साल में सिर्फ एक दिन ही चैन की सांस ले पाने के योग्य रहा। इसी तरह एक साल में मुंबई पांच दिन और चेन्नई 15 दिन सांस ले पाने के योग्य रहा। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि जब भी वायु प्रदूषण की बात होती है तो इसके लिए पंजाब के किसानों को सबसे ज्यादा बदनाम किया जाता है, जबकि पराली का धुआं कुछ दिनों तक ही रहता है। उन्होंने कहा कि पंजाब का कोई भी किसान पराली को आग नहीं लगाना चाहता।   

संत सीचेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया था कि अगर पंजाब के किसानों को आर्थिक मदद दी जाए तो पराली की आग को रोका जा सकता है। पंजाब सरकार ने मांग की थी कि अगर केंद्र सरकार 1500 रुपये देती है तो 500 रुपये दिल्ली सरकार और 500 रुपये पंजाब सरकार किसानों को देगी ताकि पराली की समस्या का समाधान हो सके।   

पर्यावरण का जिक्र करते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि वायु प्रदूषण के कारण देश में हर साल 21 लाख 8 हजार लोगों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार देश के अधिकांश राज्य और शहर हमेशा सबसे प्रदूषित सूची में रहते हैं। उन्होंने गुरबानी का जिक्र करते हुए सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि गुरु नानक देव जी ने 500 साल से भी पहले हमें हवा, पानी और धरती का सम्मान करना सिखाया था। 

आज सब कुछ इसके विपरीत हो रहा है और पूरी जनता पर्यावरण प्रदूषण से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रदूषण से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है।संत सीचेवाल ने एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा गया है कि भारत में वायु प्रदूषण से आर्थिक नुकसान देश की जीडीपी के 1.36 प्रतिशत के बराबर था। अंत में उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान पराली को आग नहीं लगाना चाहते क्योंकि सभी लोग गुरु पातशाह का भय मानते हैं और सच्ची किरत करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार किसानों का हाथ थाम ले तो किसान परली को आग लगाना भी बंद कर देंगे। 

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