भारत-कनाडा के बीच रिश्ते बिगड़े तो वहां रहने वाले भारतीयों का क्या होगा ...???
- कनाडा में बैठे हजारों भारतीयों पर पड़ेगा असर , डीपोर्ट भी हो सकते
- पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर कनाडा के पीएम के दामों को बताया गलत
खबरनामा इंडिया ब्यूरो। पंजाब
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो दवारा खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार का हाथ होने संबंधी संगीन आरोपों के बाद दोनों देशों की सरकारों के बीच तल्खी बढ़ गई है। और रिश्ते बिगड़ने के आसार बन गए है। वैसे भारत सरकार ने जस्टिन टुडो के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
वहीँ इस मामले में पंजाब के पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी पर्तिकिर्या दी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का दावा गलत है। आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कनाडा के सरी में गुरु नानक सिख गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधकों के आपसी कलह का नतीजा है। कैप्टन ने कहा कि ट्रूडो दुर्भाग्य से वोट बैंक की राजनीति के जाल में फंस गए हैं। उन्होंने भारत-कनाडा के संबंधों को खतरे में डाल दिया है।
भारत और कनाडा के बीच शुरू हुए इस विवाद से व्यापार ही नहीं, बल्कि कनाडा में बड़ी संख्या में रहने वाले भारतीय लोगों, जिनमे खासकर पंजाबियों पर भी असर पड़ सकता है। पूरी दुनिया में भारत के बाद सबसे ज्यादा सिख भारतीय कनाडा में ही रहते हैं।
अगर देखा जाये तो कनाडा की आबादी लगभग 3 करोड़ 82 लाख है और इनमें 942170 पंजाबी हैं। पंजाब के लोग न केवल कनाडा में नौकरी करते हैं, बल्कि वहां की बिजनेस कम्युनिटी में भी उनका अच्छा-खासा रोल है। खासकर एग्रीकल्चर और डेयरी फार्मिंग में तो पंजाबी लोगो का दबदबा हैं।
पंजाबियों के अलावा कनाडा में दूसरे भारतीयों की भी अच्छी तादाद है। हरियाणा, राजस्थान, यूपी, नई दिल्ली और दक्षिण भारत के कई राज्यों के लोग बड़ी संख्या में कनाडा में हैं। भारत से हर साल हजारों स्टूडेंट्स भी कनाडा जाते हैं।
फ़िलहाल कनाडा की सरकार ने एक भारतीय डिप्लोमैट को अपने देश से निकाल दिया। भारत सरकार ने कनाडा के इस कदम का कड़ा संज्ञान लेते हुए न केवल ट्रूडो के सारे आरोपों को खारिज किया बल्कि नई दिल्ली में मौजूद कनाडा के एक डिप्लोमैट को भी 5 दिन में देश छोड़ने के लिए कह दिया। अगर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है तो कनाडाई सरकार भारतीय स्टूडेंट्स के लिए अपने नियम सख्त बना सकती है। इसमें उनका वीजा कैंसिल कर डिपोर्ट करना भी शामिल है।













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