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कपूरथला सिविल हस्पताल के बाथरूम में ही डिलीवरी ..... ????

 - गर्भवती महिला ने सिविल हॉस्पिटल के बाथरूम में दीया बच्चे को जन्म, परिजनों ने लगाए स्टॉप कमी के आरोप    

नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल के चलते पेशेंट को किया था रेफर, लेकिन वह छुप कर बैठ गई बाथरूम में -- SMO धवन   

खबरनामा इंडिया ब्यूरो। कपूरथला          

प्रतिकारात्मक चित्र 

पंजाब के कपूरथला जिले के सिविल अस्पताल में एक गर्भवती महिला की अस्पताल के बाथरूम में ही डिलीवरी का मामला सामने आया है। हालांकि नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल के चलते अस्पताल प्रबंधन ने गर्भवती महिला को GMC अमृतसर रेफर कर दिया था। प्रबंधन के अनुसार परिजन जबरन डिलीवरी करवाने पर अड़े रहे और दो-ढाई घंटे तक इधर-उधर छिपते फिर रहे। आखिरकार गर्भवती का पति व सास उसे अस्पताल के बाथरूम में लेकर छिप गए और खुद ही डिलीवरी करवाने की कोशिश करने लगे। 

चिल्लाने की आवास सुनते ही गायनोकोलोजिस्ट डाक्टर वहां पहुंची तो तुरंत उसे लेबर रूम में ले जाकर उसकी डिलीवरी करवाई गई। लेकिन माहिरों के अनुसार इस तरह की लापरवाही परिवार को भारी पड़ सकती थी। फ़िलहाल जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ और सुरक्षित हैं। लेकिन गर्भवती महिला के परिजनों ने सिविल अस्पताल प्रशासन पर  स्टाफ की कमी के आरोप भी लगाए हैं। वहीं दूसरी तरफ SMO डॉक्टर संदीप धवन ने बताया कि ओके पेशेंट को रेफर कर दिया गया था लेकिन वह छुपकर बातों में बैठ गई। 

जानकारी अनुसार गांव टिब्बा वासी गर्भवीत महिला पूनम अपने पति व सास के साथ वीरवार को सिविल अस्पताल कपूरथला में डिलीवरी करवाने के लेकर आई। लेकिन गायनाकोलॉजिस्ट डा. सिम्मी धवन ने नर्स स्टाफ न होने के चलते उन्हें अमृतसर के लिए रेफर कर दिया और उनके जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करवा दी।  लेकिन परिवार अस्पताल में भी डिलीवरी करवाने की जिद पर अड़ा रहा है। ‌फिर जब एंबुलेंस वाला मरीज को ढूंढने के लिए आया तो महिला को उसका पति व सास ड्राइवर को चकमा देकर दो-ढाई घंटे छिपते रहे और फिर अस्पताल के बाथरूम में छिप गए। 

गायनोकोलॉजिस्ट डा. सिम्मी धवन के अनुसार उन्हें अचानक किसी महिला के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी तो उन्होंने तुरंत वहां मौजूद स्वीपर को देखने के लिए भेजा तो देखा कि वहां पर महिला को पैरों पर बिठाकर डिलीवरी के लिए सास की ओर से जोर लगवाया जा रहा था। उसने तुरंत डाक्टर को सूचित किया और तुरंत उन्हें लेबर रूम ले जाकर बच्चे की डिलीवरी करवाई गई। 

डा. सिम्मी धवन ने कहा कि वीरवार को उन्होंने स्टाफ नर्स न होने के चलते ट्रेनिंग पर आईं CHO की मदद से तीन नार्मल और तीन सिजेरियन डिलीवरी करवाई और दोपहर के साढ़े तीन बज जाने के कारण इन्हें नार्मल डिलीवरी होने के चलते रेफर किया गया था। 

उधर, पारिवारिक सदस्यों ने अस्पताल पर स्टाफ न होने का आरोप लगाया है। सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. संदीप धवन ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि अब जज्चा-बच्चा बिल्कुल ठीक हैं। महिला ने बेबी ब्वाय को जन्म दिया और दोनों को छुट्टी दे दी गई है। स्टाफ न होने के चलते उन्होंने रेफर किया था। 







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