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कोरोना में जान गवां चुके 32 साथिओ को श्रद्धांजलि ..... RCFEU ने पीड़ित परिवारों के लिए की यह मांग .. ???

- चिकित्सा सुविधाओं के अभाव व सरकार के उदासीन रवैये के चलते कॅरोना की भेंट चढ़े लाखों लोग -- सर्वजीत सिंह

- आरसीएफ के कॅरोना की भेंट चढ़े 32 कर्मियों के परिवारों को उनके हक दिलाने के लिए प्रयासरत RCFEU - अमरीक सिंह
- कॅरोना के चलते बेवक्त मौत हुए रेल कर्मियों को 50 लाख का मुआवजा दे सरकार -- भरत राज  


 खबरनामा इंडिया गगनदीप। कपूरथला 



आईआरईएफ़ के आह्वान पर रेडिका के रेल कर्मियों कोरोना बीमारी से शहीद हुए अपने साथियों की याद में कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि भेंट की है। और साथ ही पीड़ित परिवारो को राहत देने के लिए सरकार से मुआवजे की मांग भी की है। 
आरसीएफ एम्प्लाईज यूनियन सम्बद्ध आईआरईएफ़ एवं ऐक्टू द्वारा शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से सरकार द्वारा तय कोविड दिशा निर्देश का पालन करते हुए इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय आह्वान पर कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सिय सुविधाओं के अभाव में रेलवे कर्मचारियों सहित लाखों की संख्या में जान गवाने वाले आम नागरिकों को याद करते हुए कैंडल जलाकर दो मिनट मौन रखते हुए शहीद साथिओ को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। 

श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित करते हुए इंडियन रेलवे एम्प्लाईज फेडरेशन व आरसीएफ एम्प्लाईज यूनियन के महासचिव का. सर्वजीत सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने जानबूझकर कर कॅरोना की लपेट में आये लोगो को मरने दिया, क्योंकि धीरे-धीरे सरकारी अस्पतालो का निगमीकरण/निजीकरण करते हुए इन हॉस्पिटल में मिलती सुविधाओं से आमजन को दूर कर प्राइवेट हॉस्पिटल के हवाले कर दिया। लोग कॅरोना में जाये तो कहा जाए सरकारी अस्पतालों में सुविधा नहीं है। और प्राइवेट वाले लोगो तो तीन-तीन दिन तक हाथ नहीं लगते जिसके चलते एक आम बीमारी के कारण भी हमने अपने बहुत सारे साथियों को खो दिया। सर्वजीत सिंह ने कहा कि यह कोई आम या कुदरती मौते नहीं है यह स्पष्ट रूप में देश की सरकारों की जबरदस्त नालायकी की वजह से हुआ है।

आई आर ई एफ के कार्यकारी अध्यक्ष व आरसीएफ एम्प्लाईज यूनियन के प्रेस सचिव अमरीक सिंह ने कहा कि हमारे आरसीएफ परिवार से कॅरोना की वजह से बिछुड़ चुके हमारे 32 साथियो (सेवारत व सेवानिवृत्त ) के परिवारों को न्याय दिलाने, उनके बनते हक़ उनको जल्द से जल्द दिलवाने के लिए प्रयास जारी है व हम व हमारा आरसीएफ परिवार मिलकर उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा कि यह कैसा कॅरोना है जो सिर्फ गरीबों को जिंदा निगल रहा है। इस कॅरोना में ऐसा क्या है जो सिर्फ आमजन को बेरूजगार व कारपोरेट घरानों को मालामाल कर रहा है।

IREF के सहायक सचिव भरत राज ने कहा कि हमने अपनो को तड़प-तड़प कर बेवक्त मौत के मुंह में जाते हुए देखा है। जिन पारिवारिक सदस्यों से हम एकपल भी दूर नहीं रहते थे, आखिरी समय उनका मुँह देखना भी हमे नसीब नही हुआ और यह सब सरकार द्वारा जानबूझ कर आमजन में भय फैलाकर कारपोरेट हितेषी नीतियों को लागू करने के लिए किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि हम मांग करते है। सभी लोगो को 50-50 लाख का मुआवजा दिया जाए। उन्हों कहा कि हम कोविड काल के दौरान शहीद हुए अपनों को याद करें, हर मौत को गिने, हर ग़म को बाटे व भारत सरकार की इन देश व आमजन विरोधी गतिविधियों का जवाब देने के लिए खुल कर आगे आये।
आज के इस प्रोग्राम में जहाँ कॅरोना कॉल में बिछड़ गए हमारे कर्मचारी केवल सिंह, इंदरपाल सिंह, खेम चंद, हरभजन सिंह, बिरवा ओरियन के पारिवारिक सदस्यों सहित केशियर हरविंदर पाल, शरणजीत सिंह, तलविंदर सिंह, एसपी सिंह, तरलोचन सिंह, शेखर, गुरजिंदर सिंह, अनिल कुमार, भान सिंह, जसपाल सेखो, अश्वनी कुमार, साकेत कुमार, प्रेम कुमार चन्दर भान आदि विशेष रूप में शामिल हुए।

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