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PTU कर्मचारीओ का विरोध ...... पंजाब सरकार द्वारा अपने प्रोजेक्टों के लिए पीटीयू फंडो के प्रयोग से रोष

- सरकारी कॉलेज के स्टाफ को पीटीयू में शामिल नहीं होने दिया जायगा -- खिच्ची 

- सरकार यूनिवर्सिटी के वित्तीय स्रोत्रों के दुरूपयोग को बंद करे -- दिनेश गुप्ता 

खबरनामा इंडिया संवाददाता। कपूरथला, पंजाब 

पंजाब सरकार की ओर से अपने प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए आई.के गुजराल पंजाब टैक्नीकल यूनिवर्सिटी के वित्ती स्त्रोत का प्रयोग किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी के वित्ती स्त्रोत बचाने के लिए यूनिवर्सिटी की मुलाजिम जत्थेबंदियां, नान-टीचिंग इप्लाइज एसोसिएशन तथा यूनिवर्सिटी टीचर्स वेल्फेयर एसोसिएशन की ओर से वीरवार को सांझे तौर पर पीटीयू में पंजाब सरकार के खिलाफ सभा अायोजित की गई। जिसमें नान टीचिंग इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रधान पवन कुमार खिच्ची की ओर से यूनिवर्सिटी के सभी मुलाजिमों को पंजाब सरकार के प्रोजेक्टों सबंधी जानकारी दी गई तथा कैसे इन प्रोजेक्टों में पीटीयू के वित्तीय स्त्रोत का दुरुपयोग किया जा रहा है के बारे बताया गया। 

उन्होंने कहा कि कि पंजाब में 19 आईटीआईज स्थापित करने के  लिए 105 करोड़ रुपए, इंडस्ट्री व कामर्स विभाग की इंडस्ट्री व बिजनेस पॉलिसी -2017 के तहत स्टार्टअप फंड के लिए 100 करोड़ रुपए, घर घर रोजगार अधीन चल रहे प्रोजेक्ट तहत पंजाब में हो रहे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय रोजगार मेले पर आने वाले खर्च की 50 प्रतिशत अदायगी यूनिवर्सिटी द्वारा करना, टाटा टैक्नोलॉजी लिमिटेड के जरिए सीआईआईआईटी के लिए लगभग 100 करोड़ रुपए, निटर चंडीगढ़ के लिए चेयर्ड प्रोफैसर्ज लिए 60 करोड़ रुपए यूनिविर्सिटी के वित्तीय स्त्रोतों से पूरे किए जाने की तैयारी की जा रही है। 

 नान टीचिंग इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रधान पवन कुमार खिच्ची ने यह भी बताया कि सैर सपाटा तथा सभ्याचारक मामलें विभाग के प्रोजेक्ट की ओर से श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के लिए पंजाब सरकार द्वारा यूनिवर्सिटी में करवाए समारोह के लिए लगभग 88 लाख रुपए की अदायगी यूनिवर्सिटी से करवाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कि पंजाब सरकार जहां पंजाब में पहले से स्थापित नामवर यूनिवर्सिटियां, कॉलेज, आईटीआई को वित्तीय तौर पर चलाने में नाकाम रही है। वही हर कैबिनेट मीटिंग में लगातार कोई ना कोई नई यूनिवर्सिटी जा आईटीआई खोलने का ऐलान कर रही है। इसका उदारण पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, बेअंत कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग गुरदासपुर, एसबीएस कॉलेज फिरोजपुर, बाबा हीरा सिंह भट्‌ठल कॉलेज लहरागागा, सरकारी इंजी. कॉलेज मलोट की मंदी हालत से अंदाजा लगाया जा सकता है। 

उन्होंने यह भी कहा कि यूनिवर्सिटी के मुलाजिमों की पिछले 10 सालों से लंबित प्रोमोशन को रोककर पंजाब सरकार लहरागागा के स्टाफ को मर्ज करने पर जोर लगा रही है। जबकि वहां के स्टाफ की विद्या योग्यता, स्केल यूनिवर्सिटी के नियमों अनुसार बिल्कुल तालमेल नही है। यूनिवर्सिटी की एसोसिएशनों की ओर से लहरागागा के स्टाफ को पीटीयू में मर्ज न करने सबंधी यूनिवर्सिटी प्रशासन को समय समय पर लििखत रुप में विनती की जा चुकी है। जहां तक कि पीटीयू के एक्ट में दर्ज भर्ती प्रक्रिया को छोड़कर सीधे तौर पर यूनिवर्सिटी में मर्ज करन सबंधी दबाव पाया जा रहा है।

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