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सार्थक गतिविधि.... आरसीएफ नॉन मूविंग मटीरियल का प्रभावी उपयोग कर अरबों रुपयों की कर रहा है बचत

203 करोड़ रूपए की नॉन मूविंग वस्तुओं को प्रभावी तरीके से दोबारा इस्तेमाल में लाया जायगा 

खबरनामा इंडिया कपूरथला, पंजाब 


कोरोना महामारी से देश की आर्थिक स्थिति पर पड़े विपरीत प्रभावों के कारण इन दिनों भारत सरकार तथा विशेष रूप से भारतीय रेल के इनकम सोर्स में कमी के कारण सभी विभागों द्वारा खर्चों पर लगाम लगायी जा रही है। तथा सरकारी खजाने को समृद्ध करने की कोशिश की जा रही हैं। उक्त शब्द रेल कोच फैक्टरी कपूरथला  के जीएम रवीन्द्र गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के इन प्रयासों में अपना भरपूर योगदान देने के लिए विशेष योजना तैयार की है। इस के तहत एक विशेष टास्कयफोर्स का गठन किया गया जिसके द्वारा द्वारा आरसीएफ में पड़े रेल डिब्बो में लगने वाले सभी नॉन मूविंग मटीरियल (लंबे समय से प्रयोग में रहे ) का गहन विश्लेषण किया गया है। इस विश्लेषण का उद्देश्य इस प्रकार के मटीरियल को उपयोग में लाकर रेलवे के खर्च को कम करना और आमदनी को बढ़ाना है। 

आरसीएफ के स्टोर डिपो में पड़ी यह सभी नॉन मूविंग वस्तुऍं समय समय पर रेल डिब्बों के डिज़ाइन में सुधार, आईसीएफ डिजाइन के रेल डिब्बों के उत्पादन बंद होने तथा पारम्परिक मेमू डिब्बों की जगह आधुनिक थ्री फेज मेमू के निर्माण शुरू होने तथा कुछ कलपुर्जों के डिजाइन में बदलाव से एकत्रित  हुई हैं

गठित टास्क फोर्स ने तय समय में अपनी जॉंच कर 203 करोड़ रूपए की इन नॉन मूविंग वस्तुओं को प्रभावी तरीके से दोबारा इस्तेमाल में लाये जाने के लिए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इसके तहत 92 करोड़ रूपए के मटीरियल को रेल कोच फैक्टरी में ही मामूली बदलाव के साथ प्रयोग में लाया जा सकेगा। इसके अलावा  97 करोड़ रूपए का मटीरियल जो पुराने डिज़ाइन (आईसीएफ डिजाइन)  के डिब्बों से सम्बंधित है। उनको अन्य उत्पादन इकाइयों तथा जोनल रेलवे में भेजा जा रहा है तथा जिसमें से 14 करोड़ रूपए का सामान पहले ही उन्हें  भेजा जा चूका है। ताकि वहा उनको इस्तेमाल में लाया जा सके इसके अतिरिक्त 14 करोड़ रूपए की नॉन मूविंग वस्तुएँ जोकि आरसीएफ या अन्य रेलवे में प्रयोग में नहीं लाई जा सकती। उनकी निलामी के माध्यवम से पारदर्शी ढंग से बिक्री की जायेगी।

इस कार्यवाही से 203 करोड़ रूपए की सामग्री का उचित प्रयोग संभंव होगा जिससे रेल कोच फैक्ट्री और अन्य रेलवे के खर्चों में कमी आयेगी। साथ ही साथ इस गैर-चलंत मटीरियल के प्रयोग में लाने से इनके रख रखाव, सुरक्षा में लग रहे संसाधनों तथा खर्च को अन्य कार्यो में लगाया जा सकेगा। इसी के साथ आरसीएफ द्वारा अपने दिन प्रतिदिन कार्यों को डिजीटल करने के कार्यक्रम को और बढ़ावा मिलेगा तथा इससे आर सी एफ के काम काजों में और अधिक पारदशिर्ता आयेगी। 



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