कपूरथला का कोरोना डेथ रेट प्रदेश में सबसे अधिक होने पर डीसी ने जताई चिंता, जनता को स्थिति की गम्भीरता को समझने की दी सलाह
- अभी तक 106 कोरोना संकर्मित मरीजों की हुई मौतें, 666 एक्टिव केस
खबरनामा इंडिया (गगनदीप), कपूरथला
डीसी कपूरथला दीप्ति उप्पल ने जि़ले में कोरोना के कारण हो रही मौतें पर गहरी चिंता प्रकट करते हुये लोगों से अपील की है कि वह स्वास्थ्य में थोड़ा भी गिरावट आने पर तुरंत डाक्टर के साथ संपर्क करें। बुधवार को डीसी ने साप्ताहिक फेसबुक लाइव के दौरान लोगों से रूबरू होते हुये कहा कि जि़ले में सीएसआर ( केस मोटैलटी रेट) पूरे पंजाब की अपेक्षा सबसे अधिक है। जिसका मुख्य कारण लोगों की तरफ से स्वास्थ्य बिगडऩे पर भी डाक्टर के साथ संपर्क न करना मान जा रहा है।
डीसी दीप्ती उप्पल ने यह भी कहा कि अब तक जि़ले में कोरोना संकर्मित 106 मौतें हो चुकी हैं। और मौजूदा समय में 666 एक्टिव केस हैं। उन्होंने कहा कि यह देखने में आया है कि लोग कोरोना जैसी महामारी को गंभीरता के साथ नहीं ले रहे है। जिस कारण केस बिगड़ रहे हैं और मौत दर में बढ़ोतरी हो रही है। लोगों की तरफ से इलाज में देरी के कारण कोरोना वायरस की इन्फ़ेक्शन मरीज़ के फेफड़ों तक पहुँच जाती है। और आक्सीजन लेवल घटने से मौत हो जाती है।
डीसी ने कहा कि जि़ले में हुई 80 प्रतिशत मौतें में से बुज़ुर्गों और अन्य गंभीर बीमारियों से पीडि़त लोगों की हुई हैं। जिसको देखते हुए हमें अपने बुज़ुर्गों की खातिर टैस्ट शुरुआती स्तर पर ही करवाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जि़ले में रोज़मर्रा की टेस्टिंग का सामथ्र्य 950 से 1000 तक पहुंच चुका है। जिसको और बढ़ाए जाने की ज़रूरत है। उन्होंने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि कोरोना को कोई सामाजिक कलंक न समझें, क्योंकि इस महामारी ने जहाँ दुनिया के सभी देशों को लपेट में लिया है। वहीं विश्व के सबसे प्रभावशाली देशों में सबसे अधिक मौतें हुई हैं।
डीसी ने कहा कि जि़ला प्रशासन की तरफ से होम आइसोलेशन में रह रहे 476 मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी निगरानी रखने के लिए होम आइसोलेशन कंट्रोल सैंटर की तरफ से मरीजों के साथ लगातार संपर्क रखा जा रहा है। होम आइसोलेशन की सुविधा के अंतर्गत मरीज़ अपने घर में रह कर अपना इलाज करवा सकता है।














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