ब्रेकिंग न्यूज़

Big Breaking ..... 22 वर्ष पुराना कमल और तकड़ी का रिश्ता टुटा, हरसिमरत के इस्तीफे के 9 दिन बाद एनडीए से अलग हुई शिअद

2022 के विधानसभा चुनाव में शिअद प्रदेश के बड़े वोट बैंक यानि किसानो को नहीं खोना चाहता 

- विधानसभा चुनाव से 18 महीने पहले किसानो के हमदर्द बने अकाली 

खबरनामा इंडिया ब्यूरो ,पंजाब 


मोदी सरकार द्वारा पास कृषि बिलों की वजह से एनडीए में फूट पड़ गई है। और शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के 22 वर्षो का रिश्ता टूट गया है। इन्ही बिलो की खातिर  9 दिन पहले हरसिमरत कौर बादल ने मोदी सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। और अब शिअद के अध्यक्ष सुखबीर बदल ने गठबंधन तोड़ने का एलान कर दिया है। हालाँकि अकाली दल ने लोकसभा और राज्यसभा में इस बिल का विरोध किया था। 

बता दे कि पार्टी में फूट से जूझ रहे अकाली दल के लिए मोदी सरकार के कृषि विधेयक गले की फांस बना हुआ था। क्योंकि अगर शिअद इनके लिए हामी भर्ती तो पंजाब के बड़े वोट बैंक यानी किसानों से उसे हाथ धोना पड़ता। पंजाब के कृषि प्रधान क्षेत्र मालवा में अकाली दल की पकड़ काफी मजबूत है। और अकाली दल को 2022 के विधानसभा चुनाव भी दिखाई दे रहे हैं। इस्तीफा देना मजबूरी भी बन गई थी। क्योंकि, चुनावों में अब लगभग डेढ़ साल ही बचा है। ऐसे में शिअद किसानों के एक बड़े वोट बैंक को अपने खिलाफ नहीं करना चाहती है। ऐसा राजनीतिज्ञों की सोच भी है। 

यह है 3 विधेयक जिनका विरोध हो रहा है .... 

फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) बिल

फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑफ प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज बिल

एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) बिल 


No comments