यूपीए राज में बढ़ते पेट्रोल के दामों पर करते थे हो हल्ला आज अपनी सरकार में खामोश क्यूँ - संजीव तलवाड़
- पिछले 18 दिन में पेट्रोल-डीजल 10 रूपये से ज्यादा महंगा हुआ, देश में पहली बार डीजल के दाम पट्रोल से ऊपर हुए
खबरनामा इंडिया। कपूरथला।
देश में पेट्रोल के लगातार बढ़ते दामों से एक ओर जहां जनता का हाल बेहाल है तो दूसरी तरफ पेट्रोल कंपनियां कमाई करने में मस्त हैं। और सरकार भी कोरोना काल में जनता को पिसता हुआ देख रही है। मौजूदा सरकार में बैठे नेता जो यूपीए राज में बढ़ते पेट्रोल के दामों पर सरकार को जी-भर के कोसते थे, वह अब खामोश कियो है। यह शब्द लक स्टोन वेलफेयर फाउंडेशन के चेयरमैन संजीव तलवाड़ ने एक बैठक के दौरान कही है।
उन्होंने कहा कि बहुत हुई जनता पर पेट्रोल डीजल की मार और बहुत हुई महंगाई की मार जैसे नारे लगाकर सत्ता में आए नरेंद्र मोदी अब पेट्रोल डीजल के दामों को लेकर जनता पर लगातार बोझ डालने पर तुले हुए हैं। संजीव तलवाड़ ने कहा कि अब तक पिछले 18 दिन में पेट्रोल-डीजल 10 रूपये से ज्यादा महंगा हो गया है। और पहली बार डीजल के दाम पेट्रोल से ऊपर गए है। डीजल और पेट्रोल महंगा होने से घरेलू जरूरत की वस्तुओ के दामों पर भी असर पड़ेगा। कोरोना संकट के इस समय में बेरोजगारी, भुखमरी और महंगाई से जनता पहले ही लड़ रही है। छोटे उद्योग धंधे बंद होने की कागार पर है। तब भी लगातार 18वें दिन तक पेट्रोल डीजल की दरें बढ़ाकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह साबित कर दिया है कि देश की जनता की परेशानियों से उनको कोई सरोकार नहीं है।
संजीव तलवाड़ ने कहा कि कोरोना संकट से देश गुजर रहा है इस समय पेट्रोल-डीजल की दरें सस्ती होनी चाहिए लेकिन केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल सस्ता होने के बाद भी लगातार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर पेट्रोल-डीजल महंगा कर रही है।
संजीव तलवाड़ ने कहा कि इस संकट के समय में आर्थिक तौर पर हर देशवासी की कमर टूटी पड़ी है। लेकिन भाजपा सरकार महंगा पेट्रोल-डीजल बेचकर अपनी तिजोरी भरने में लगी है। यह समय तिजोरी भरने का नहीं बल्कि जनता की राहत के लिए सरकार की तिजोरियां खोलने का है।










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