- घर-घर में होने चाहिए वीरों के बलिदान ग्रंथ - मुकेश लाटी - लखबीर सिंह झीता शिव सेना पंजाब के वरिष्ठ नगर उपाध्क्षय नियुक्त
खबरनामा इंडिया संवाददाता। कपूरथला
शिव सेना पंजाब की कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए लखबीर सिंह झीता को वरिष्ठ नगर उपाध्क्षय नियुक्त किया गया। इस मौके पर मौजूद सदस्यों ने हिंदुत्व की रक्षा का संकल्प लिया। इससे पहले शिव सेना पंजाब के संगठन मंत्री मुकेश लाटी के आवास पर जिला अध्यक्ष अनिल नाहर के नेतृत्व में लखबीर सिंह झीता ने अपनी टीम के साथ शिव सेना पंजाब की सदस्यता भी ग्रहण की।
नवनियुक्त नगर उपाध्क्षय लखबीर सिंह झीता ने कहा कि शिव सेना पंजाब के संगठन मंत्री मुकेश लाटी ने जातिपांत से ऊपर उठकर हिंदुत्व की जो अलख जगाई है उससे राष्ट्र और हिंदुत्व मजबूत हो रहा है।
उन्होंने कहा कि हिंदुत्व पर हर तरफा हमले हो रहे हैं। हमें हिंदुत्व की रक्षा करनी होगी। इसके लिए युवा पीढ़ी को संगठन से जोड़ने की मुहिम भी चलाई जाएगी। जिसके लिए टीम शैक्षणिक संस्थानों में जाकर युवाओं को शिव सेना पंजाब की नीतियों से अवगत कराएगी।
बैठक को सम्बोधित करते हुए शिव सेना पंजाब के संगठन मंत्री मुकेश लाटी एवं जिला अध्यक्ष अनिल नाहर ने कहा की युवाओं में देशभक्ति और सांस्कृतिक विकास के लिए घर-घर में वीरों के बलीदान ग्रंथ होने चाहिए। देश की विडंबना है कि वर्तमान युवा पीढ़ी फिल्मी हीरो के नाम तो जानती है लेकिन देश पर सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों को नहीं पहचानती है। उन्होंने कहा कि भारत का गौरवमयी इतिहास रहा है, जहां अनेक वीर सपुतों ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर किया है। इन बहादुर योद्धाओं ने जिस मजबूती के साथ विदेशी आक्रमणकारियों का डटकर मुकाबला किया वह इतिहास में स्वर्णिम है। भगत सिंह भारत की गौरवमयी परम्परा के सम्वाहक थे। जिन्होंने आने वाली पीढिय़ों को राष्ट्रीयता की प्रेरणा दी। गुरू गोबिन्द सिंह और वीर बन्दा बहादुर जैसे योद्धाओं के बलिदान जैसा कोई अन्य उदाहरण उद्हारण दुनिया के इतिहास में नहीं मिलता है। गुरू गोबिन्द सिंह जी ने देश की संस्कृति और मर्यादा को बचाने के लिए अपने बच्चों तक का बलिदान दे दिया। आज संगठन, शक्ति, भाईचारा, एकता, देशभक्ति और सांस्कृतिक परम्पराओं को स्वीकार कर आगे बढऩे की आवश्यकता है। लाटी ने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने घरों मेंं महान व्यक्तित्व वाले महापुरुषों व शहीदों की जीवनियां रखें और उनके बारे में अपने बच्चों को बताएं तभी भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। लाटी ने कहा हमारी संस्कृति एक है गुरू गोविन्द सिंह और बन्दा बहादुर को अलग नही कर सकते आज षड़यत्रों के कारण हिन्दू और सिंक्खों को अलग करने का प्रयत्न चल रहा है। श्रीी गुरू तेग बहादुर सिंह व श्री गुरु गोविंद सिंह चार शहजादों ने बलिदान सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए दिया था फिर हम अलग कैसे है। अगर हम भारत को अखंड देखना चाहते हैं और यह मातृ भूमि हमारी है तो भेद भाव को समाप्त कर एक होना होगा और हम एक है। इस मौके पर शहरी प्रधान विकास रिंकू,यूथ जिला अध्यक्ष कुलदीप माणक, विजय कुमार, मनु, ललित, लककी चौधरी आदि उपस्थित थे।










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