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कपूरथला में 'चिट्टा मुक्त गांव' अभियान शुरु ....

- 32 गांवों की पंचायतों ने ठिकरी पहरा, CCTV और पुलिस के साथ समन्वय के जरिए नशे के खिलाफ संयुक्त लड़ाई लड़ने का लिया संकल्प 

- नशा खरीदने और बेचने वालों की कड़ी तोड़े बिना पंजाब को नशा मुक्त बनाना असम्भव-- संत सीचेवाल 

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला    

राज्यसभा सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी संत सीचेवाल ने आज गांव सीचेवाल से 'चिट्टा मुक्त गांव' अभियान की शुरुआत करते हुए नशे के खिलाफ सामाजिक भागीदारी का आह्वान किया। निर्मल कुटिया, सीचेवाल में आयोजित विशाल सभा में लगभग 32 गांवों के सरपंचों, पंचों, गणमान्य व्यक्तियों तथा पुलिस अधिकारियों ने भाग लेते हुए अपने-अपने गांवों में ठिकरी पहरा लगाने, सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा पुलिस प्रशासन के साथ व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से लगातार समन्वय बनाए रखने का संकल्प लिया। 

इस अवसर पर संबोधित करते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि पंजाब का भविष्य बचाने के लिए अब समाज को भी स्वयं आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि नशा खरीदने और बेचने वालों की आपसी कड़ी तोड़े बिना चिट्टे जैसे घातक नशे पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता। उन्होंने कहा कि चिट्टे की लत के कारण युवा चोरी, लूटपाट और अन्य अपराधों की ओर धकेले जा रहे हैं, जिससे परिवार और समाज दोनों बर्बाद हो रहे हैं। 

संत सीचेवाल ने गांवों के लोगों से अपील की कि नशे की लत के शिकार युवाओं से नफरत नहीं बल्कि सहानुभूति का व्यवहार किया जाए तथा गांव स्तर पर उन्हें दोबारा स्वस्थ जीवन की ओर लाने के लिए परिवारों, विशेषकर माताओं, की भूमिका को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को नशे की दलदल में फंसने से बचाना भी हर गांव की सामूहिक जिम्मेदारी है। 

उन्होंने कहा कि थानों में पुलिस कर्मचारियों की संख्या सीमित है, इसलिए लोगों के सहयोग के बिना नशे और अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण पाना संभव नहीं है। इसीलिए प्रत्येक गांव में ठिकरी पहरा, सीसीटीवी निगरानी, संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना साझा करने तथा गांवों के बीच त्वरित संपर्क व्यवस्था के लिए व्हाट्सएप समूह बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "जब हम अपना गांव संभाल लेंगे, तब क्षेत्र और फिर पूरा पंजाब अपने आप संभल जाएगा।" 

इस अवसर पर बाबा गुरमेज सिंह ने कहा कि आज पंजाब के सामने सबसे बड़ी चुनौती नशे की है और इसका समाधान केवल जनता और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के बच्चे चिट्टे की लत का शिकार हो चुके हैं, उनके माता-पिता भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कबाड़ी कारोबारियों पर भी पुलिस प्रशासन से सख्ती करने की मांग करते हुए कहा कि पैसों के लालच में कुछ कबाड़ी लूटपाट का सामान खरीद रहे हैं। 

सुल्तानपुर लोधी के एएसपी धीरेंद्र वर्मा ने संत सीचेवाल की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि लोगों के सहयोग के बिना नशे के खिलाफ लड़ाई नहीं जीती जा सकती। उन्होंने कहा कि पहले भी लोगों से मिली सूचनाओं के आधार पर कई नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस इस तरह के अभियानों में पूरा सहयोग देगी। एडवोकेट चाहल ने कहा कि लोग पुलिस की सहायता के लिए तैयार हैं, लेकिन सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग निडर होकर आगे आ सकें। 

इस अवसर पर संत सुखजीत सिंह, संत गुरमीत सिंह, सुल्तानपुर लोधी के एसएचओ दविंदरपाल सिंह, लोहियां के एसएचओ सुखविंदर सिंह, सुरजीत सिंह शंटी, हरदेव सिंह, हरिजिंदर सिंह शेरपुर, सूबा सिंह, गुरदेव सिंह फौजी, कुलविंदर सिंह, बूटा सिंह, सुखजिंदर सिंह, प्रभजोत सिंह, सुरजीत सिंह, जोगा सिंह, अमरीक सिंह, दलजीत सिंह सहित गांव सीचेवाल, चक्क चेला, मालूपुर, मोतीपुर, कोटली गाजरां, बदली, सिहारीवाल, राईवाल दोना, वाड़ा जागीर, उग्गी, मलसियां, तुरना, मुरीदवाल, तलवंडी माधो, बिल्ली चाओ, कोटली कम्बोज, डडविंडी, बिल्ली बड़ैच, गिद्दड़पिंडी, सिद्धवां दोना, भाणोलंगा, मल्लीवाल, शेरपुर दोना, मिराजवाल, फौजी कॉलोनी, शेखमांगा, सरूपवाल, कनियां खुर्द, नंगल अंबियां, थिगली तथा दौधर सहित विभिन्न गांवों के सरपंचों, पंचों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने अभियान को पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिया। 

- "समाज जागेगा तभी चिट्टा हारेगा" -- संत सीचेवाल 

संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि डोडों जैसे नशों पर सख्ती के कारण नशे के आदी लोग अब चिट्टे की ओर रुख कर रहे हैं, जिसने पंजाब को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि किसी न किसी संरक्षण के बिना नशा बेचा नहीं जा सकता और चिट्टा छोटी-छोटी पुड़ियों के माध्यम से आसानी से गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें भी इस घातक नशे पर नियंत्रण पाने में असफल रही हैं, जिसके कारण लूटपाट और अन्य अपराधों में वृद्धि हुई है। थानों में पुलिस बल की कमी और लोगों की चुप्पी भी नशा तस्करों का हौसला बढ़ा रही है। उन्होंने आह्वान किया कि केवल पुलिस के भरोसे नशे को नहीं रोका जा सकता, बल्कि प्रत्येक गांव को लोगों की भागीदारी से अपने स्तर पर "चिट्टा मुक्त गांव" बनाने के लिए आगे आना होगा।  

गांव सीचेवाल में आयोजित सभा के दौरान सर्वसम्मति से 'चिट्टा मुक्त गांव' अभियान को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए चार महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रस्ताव पारित किया गया। निर्णय लिया गया कि प्रत्येक गांव में ठिकरी पहरा लगाया जाएगा, सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर निरंतर निगरानी रखी जाएगी, चिट्टे की लत से पीड़ित युवाओं को नशा मुक्ति के लिए गांव स्तर पर हर संभव सहयोग दिया जाएगा तथा नई पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए गांवों में लगातार जागरूकता एवं रोकथाम संबंधी अभियान चलाए जाएंगे। 

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