RCFEU ने रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य को सौंपा विस्तृत मांग पत्र ...
- महासचिव सर्वजीत सिंह ने मेमोरेंडम की एक-एक मांग पर की गहन चर्चा
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
RCFEU के अध्यक्ष अमरीक सिंह द्वारा प्रेस वक्तव्य जारी कर बताया गया कि यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य (उत्पादन इकाईयां) श्री सीताराम सिन्कू जी से मुलाकात कर 24 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। बैठक के दौरान यूनियन के महासचिव सर्वजीत सिंह ने मेमोरेंडम में दर्ज मांगों को अधिकारियों के समक्ष अत्यंत विस्तारपूर्वक और तर्कपूर्ण तरीके से रखा। महासचिव ने विशेष रूप से रेलवे बोर्ड के 2% पदों को सरेंडर करने के निर्णय (Manpower Rationalization Policy) का कड़ा विरोध किया और बताया कि पहले से ही स्टाफ की भारी कमी झेल रहे आरसीएफ के लिए 147 पदों को समाप्त करना आत्मघाती कदम होगा। उन्होंने पुरजोर मांग की कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की 'Re-engagement' बंद कर नियमित भर्ती की जाए ताकि युवाओं को रोजगार और कार्यरत कर्मचारियों को राहत मिल सके।
महासचिव ने सुपरवाइजरों के हितों की बात करते हुए सुपरवाइजर की MACP के माध्यम से पदोन्नति और वेतन विसंगतियों के मुद्दे को भी अधिकारियों के समक्ष रखा। उन्होंने मांग की कि सुपरवाइजरों को समयबद्ध तरीके से वित्तीय लाभ और पदोन्नति का लाभ मिले ताकि उनके मनोबल में गिरावट न आए। इसके साथ ही, वर्कशॉप के तकनीकी मुद्दों पर चर्चा करते हुए उन्होंने शॉप शॉप्स के लिए नए फोर्कलिफ्टर्स की खरीद हेतु 'एक्विजिशन प्लान' को तुरंत प्रभावी करने और डिजिटल कार्यों में लगे प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए विशेष 'VDU भत्ता' (Office Productivity Allowance) लागू करने की मांग की ताकि कंप्यूटर स्क्रीन पर लगातार काम करने से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों की भरपाई हो सके।
स्थानीय समस्याओं पर विस्तार से बोलते हुए महासचिव ने आरसीएफ कॉलोनी की जर्जर स्थिति, रिमोट एरिया के कारण बंद की गई ओपीडी के लिए रेफरल सुविधाओं और अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन की कमी जैसे गंभीर विषयों पर प्रशासन की घेराबंदी की। OPS के पात्र कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ देने के लिए उन्होंने ठोस तरीके से बात रखते हुए कर्मचारी शीतल कुमार को ऑप्स का हक देने की बात ठोस तरीके से रखी। उन्होंने बताया कि घटिया एंबुलेंस ठेका व्यवस्था और कॉलोनी में आवारा कुत्तों के आतंक ने निवासियों का जीना दूभर कर दिया है, जिसके लिए एक 'स्पेशल टास्क फोर्स' और 'पेट ओनरशिप पॉलिसी' की तत्काल आवश्यकता है। महासचिव ने आवासीय परिसर की सुरक्षा के लिए उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने और प्रवेश द्वारों पर सख्त जांच प्रणाली लागू करने की मांग को भी पुरजोर तरीके से रखा, साथ में उन्होंने रेलवे रिक्रूटमेंट सेल से आए हुए लेवल 1 कर्मचारियों को उनकी जॉइनिंग तारीख से टेक्नीशियन-III एलिजिबल कोटे में एग्जाम देने के लिए एलिजिबिलिटी देने के लिए ठोस तरीके से मुद्दे को रखा।
अध्यक्ष अमरीक सिंह ने अंत में बताया कि इन विस्तृत चर्चाओं के बाद श्री सीताराम सिन्कू जी ने आरसीएफ प्रबंधक को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर के मुद्दों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। रेलवे बोर्ड स्तर के मुद्दों, जैसे कि 5-दिवसीय कार्य सप्ताह और पीएलबी बोनस की गणना 7वें वेतन आयोग के अनुसार करने पर अधिकारी ने सकारात्मक चर्चा करते हुए इन्हें बोर्ड स्तर पर मजबूती से उठाने का आश्वासन दिया है। अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन कर्मचारियों की सुरक्षा और हक की रक्षा के लिए आंदोलन का रास्ता चुनने में संकोच नहीं करेगी।



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