13 साल बाद वतन लौटे युवक को दिल्ली एयरपोर्ट से लौटाया,....
- मलेशिया डिटेंशन सेंटर में 15 दिन झेला नारकीय जीवन
- राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल के प्रयासों से सुरक्षित भारत वापसी, युवक ने सुनाई दर्दनाक आपबीती
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
जालंधर के युवक आकाश पुष्करणा को 13 साल बाद अपने वतन लौटने पर जिस दर्दनाक स्थिति का सामना करना पड़ा, उसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। न्यूजीलैंड से अपने बीमार पिता से मिलने भारत पहुंचे आकाश को दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने एंट्री देने से इनकार कर दिया और वापस मलेशिया भेज दिया, जहां उसे करीब 15 दिनों तक एयरपोर्ट और डिटेंशन सेंटर में नारकीय जीवन जीना पड़ा।
हालांकि राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से आखिरकार आकाश की सुरक्षित भारत वापसी संभव हो सकी। भारत लौटने के बाद आकाश अपने परिवार सहित निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी पहुंचे और संत सीचेवाल का धन्यवाद किया।
जानकारी के अनुसार जालंधर निवासी आकाश पुष्करणा करीब 13 वर्षों से न्यूजीलैंड में रह रहे थे। वह अपने बीमार पिता से मिलने के लिए 24 अप्रैल को भारत पहुंचे थे, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनकी एंट्री रद्द कर दी। इसके बाद उन्हें मलेशिया भेज दिया गया।
आकाश ने बताया कि यह उसकी जिंदगी के सबसे दर्दनाक 14-15 दिन थे। मलेशिया पहुंचने के बाद उसे करीब 6 दिन एयरपोर्ट पर ही फर्श पर सोना पड़ा, जबकि बाद में 9 दिनों तक डिटेंशन सेंटर में रखा गया। उसने आरोप लगाया कि वहां न तो उसे पर्याप्त खाना मिला और न ही कोई बुनियादी सुविधा उपलब्ध करवाई गई।
पीड़ित युवक ने भावुक होते हुए कहा कि उसे सबसे ज्यादा दुख इस बात का हुआ कि “मेरे अपने ही देश ने मुझे भारतीय मानने से इनकार कर दिया।” उसने बताया कि वह न्यूजीलैंड से सभी वैध ट्रैवल डॉक्यूमेंट बनवाकर भारत आया था, लेकिन दिल्ली पहुंचते ही उसकी एंट्री रद्द कर दी गई।
आकाश ने आरोप लगाया कि दिल्ली एयरपोर्ट के इमिग्रेशन अधिकारियों ने अपनी “ईगो हर्ट” होने के कारण उसे भारत में प्रवेश नहीं करने दिया। उसने कहा कि उसके पास मलेशिया का वीजा तक नहीं था और न ही वहां रहने की कोई व्यवस्था थी। मदद मांगने पर कभी उसे यूएनओ के पास जाने के लिए कहा गया तो कभी न्यूजीलैंड सरकार से संपर्क करने की सलाह दी गई, लेकिन कहीं से भी सहायता नहीं मिली।
आकाश के पिता राजेश पुष्करणा ने बताया कि बेटे के साथ हुई घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में चला गया था। उन्होंने बताया कि 1 मई को वे संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मिले थे, जिन्होंने तुरंत मामले में हस्तक्षेप किया और लगातार प्रयासों के बाद उनका बेटा सुरक्षित भारत लौट सका।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यसभा सदस्य Sant Balbir Singh Seechewal ने विदेश मंत्रालय और मलेशिया स्थित भारतीय दूतावास का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं के सहयोग से युवक को सुरक्षित भारत वापस लाया जा सका।
संत सीचेवाल ने विदेश जाने के इच्छुक युवाओं से अपील की कि वे अधूरी जानकारी या फर्जी एजेंटों के झांसे में आकर विदेश जाने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि कई बार विदेश जाने की जल्दबाजी युवाओं की जिंदगी को बड़े खतरे में डाल देती है।



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