RCF में मजदूर हितों की अनदेखी के खिलाफ कर्मियों का प्रदर्शन, 'ब्लैक डे' मनाया.....
- चार लेबर कोड के खिलाफ आज 'ब्लैक डे' मनाकर केंद्र की नीतियों को दी गई चुनौती
खबरनामा इंडिया ब्यूरो। कपूरथला
भारतीय रेल के आधार स्तंभ, RCF कपूरथला में आज मजदूर एकता और संकल्प का सैलाब उमड़ पड़ा। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों तथा इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन (IREF) के देशव्यापी आह्वान पर RCFEU ने डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक (वर्कशॉप गेट) पर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ 'ब्लैक डे' का आयोजन किया। हजारों की संख्या में रेल कर्मचारियों ने 'ब्लैक बैज' (काले बिल्ले) सजाकर सरकार को यह स्पष्ट चेतावनी दी कि वह अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और श्रम कानूनों में किसी भी तरह की कटौती को कतई स्वीकार नहीं करेंगे।
बता दे कि बुधवार सुबह से ही कर्मचारियों का हुजूम वर्कशॉप गेट पर जुटना शुरू हो गया था, जहाँ गगनभेदी नारों के साथ सरकार की दमनकारी मंशा का पुरजोर विरोध किया गया। जिसमे RCFEU के अध्यक्ष अमरीक सिंह तथा महासचिव सर्वजीत सिंह ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
नेताओ ने कहा कि सरकार द्वारा थोपे जा रहे चार लेबर कोड असल में मजदूरों को मिलने वाली सामाजिक और कानूनी सुरक्षा को समाप्त करने का एक माध्यम हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि RCF जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक संस्थानों में नई भर्ती न करना और आउटसोर्सिंग के नाम पर ठेका प्रथा को बढ़ावा देना न केवल वर्तमान कर्मचारियों के भविष्य को असुरक्षित कर रहा है, बल्कि देश के शिक्षित युवाओं के रोजगार के अवसरों को भी निगल रहा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि रेलवे के विभिन्न विभागों का निजीकरण करने की होड़ देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक संपत्ति को निजी हाथों में सौंपने की साजिश है, जिससे आम जनता और रेल कर्मचारी दोनों का नुकसान तय है।
प्रदर्शन को और विस्तार देते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि RCF के कर्मचारियों ने हमेशा अपनी मेहनत और पसीने से भारतीय रेलवे को शिखर पर पहुँचाया है, लेकिन बदले में सरकार उनकी पुरानी पेंशन (OPS) और सुरक्षित रोजगार जैसे जायज हक छीनने पर उतारू है। उन्होंने आगाह किया कि आज का यह 'ब्लैक डे' प्रदर्शन केवल एक प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि आने वाले बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शंखनाद है। यूनियन ने मांग की कि सरकार तुरंत प्रभाव से श्रमिक विरोधी नीतियों को वापस ले और रेलवे के निजीकरण व आउटसोर्सिंग पर रोक लगाए। इस सफल प्रदर्शन के अंत में सभी उपस्थित रेल कर्मियों का आभार व्यक्त किया गया और उन्हें आने वाले समय में एक बड़े संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया।
जिसमें IRTSA अपनी पूरी टीम के साथ शामिल हुए। जिसमे अमरीक सिंह गिल, मंजीत सिंह बाज़वा, बचीतर सिंह, जसपाल सिंह सेखों, भरत राज, हरविंदर पाल, त्रिलोचन सिंह, तलविंदर सिंह, बलदेव राज, बलजिंदर पाल, निर्मल सिंह, सर्बजीत सिंह, अवतार सिंह, संजीव कुमार, हरप्रीत सिंह, राजिंदर कुमार, नवदीप कुमार, जगदीप सिंह, संदीप कुमार, प्रभजोत सिंह, साकेत यादव, गुरविंदर सिंह एवं पंकज, अमरनाथ, अश्वनी, अनिल, कौशल, कुलदीप, कलसी, मेघनाथ, मन्नु, प्रशांत, सनी इत्यादि शामिल हुए।




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