कपूरथला-- गली में ट्रॉली खड़ी करने को लेकर हिंसक झड़प ....
- तेजधार हथियारों से हमला, दो घायल सिविल अस्पताल में भर्ती
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
सुल्तानपुर लोधी के गांव कबीरपुर में गली में ट्रॉली खड़ी करने के मामले ने अचानक तूल पकड़ लिया और दो पक्षों के बीच खूनी हिंसक झड़प हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए कबीरपुर निवासी नछत्तर सिंह की पत्नी दविंदर कौर ने बताया कि उसका बेटा गुरजीत सिंह गेहूं की कटाई करके घर लाया था और गली में ट्रॉली पार्क करके कुछ काम कर रहा था। उसने बताया कि इस दौरान पड़ोसियों ने ट्रॉली हटाने को कहा। जिस पर वे ट्रॉली हटाने को तैयार हो गए। लेकिन जैसे ही वे ट्रॉली हटाने लगे। आरोप है कि दूसरे पक्ष के करीब 15-20 लोग और गांव के मोहतबर इकट्ठा हो गए और गुरजीत सिंह और उसके पिता नछत्तर सिंह पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। इस दौरान गुरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर पर काफी चोटें आई हैं। हमने उसे तुरंत सिविल सुल्तानपुर लोधी में भर्ती कराया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। उक्त लोग हमें धमकी भी दे रहे थे। पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि हमलावरों ने उनके घर में घुसकर उन पर हमला किया। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस मौके पर सिविल अस्पताल में इलाज करा रहे गुरबख्श सिंह पुत्र हरनाम सिंह, निवासी कबीरपुर के पुत्र गुरदेव सिंह ने कहा कि आज तक गांव में हमारा किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ है और पूरा गांव हमारी बात से सहमत है। हम हमेशा लड़ाई झगड़ों से दूर रहते हैं। घटना वाले दिन मैं सुल्तानपुर लोधी से कुछ ज़रूरी सामान लेकर रात करीब 8:30 बजे गांव पहुंचा। जब मैं गली में घुसा तो सामने गेहूं से भरी एक ट्रॉली और ट्रैक्टर गलत तरीके से खड़ी थी, जिससे मेरी गाड़ी निकल नहीं पा रही थी। गली के दूसरी तरफ भी लोहे का सुहागा पड़ा था, जिससे सड़क और भी पतली हो गई थी। मैंने दो-तीन बार हॉर्न बजाया। इस दौरान नछत्तर सिंह की पत्नी दविंदर कौर बाहर आ गईं। मैंने उनसे ट्रॉली साइड में करने को कहा ताकि मेरी गाड़ी निकल सके।
उन्होंने कहा कि घर में कोई नहीं है, मैं लड़कों को बुलाती हूं, वे आकर ट्रॉली हटा देंगे। मैं करीब आधे घंटे तक वहीं इंतजार करता रहा और कई बार हॉर्न बजाया। आसपास के लोग भी बाहर आ गए और उन्होंने भी ट्रॉली हटाने को कहा, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मुझे अपने किसी काम से जम्मू जाना है। और ट्रेन का समय भी हो रहा है जिस वजह से मैं जल्दी में भी था। इस बीच जब नछत्तर सिंह मोटरसाइकिल पर घर से बाहर गए। लेकिन फिर भी ट्रॉली नहीं हटाई गई। जब मैं खुद नीचे उतरा और ट्रॉली हटाने को कहा तो उनके बेटे गुरजीत सिंह ने आते ही मुझे गालियां देना शुरू कर दिया। नछत्तर सिंह ने भी मुझे गालियां देना शुरू कर दिया।
उसने मुझे धक्का दिया और मेरी टी-शर्ट फाड़ दी। जब बहस बढ़ी तो वह हमें धक्का देते हुए हमारे घर की तरफ ले गया। जब मेरे पिता गुरबख्श सिंह हमें बचाने आए, तो उनके साथ भी बदसलूकी की गई। उनके पास तेज धार वाले हथियार थे। जिससे उन्होंने मेरे पिता गुरबख्श सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया। उन्हें गंभीर चोटें आईं और वे गिर पड़े और हमें धमकाया भी जा रहा है।बाद में गांव वालों ने बीच-बचाव करके हमें बचाया। जिसके बाद हमने अपने पिता गुरबख्श सिंह को घायल हालत में सिविल हॉस्पिटल सुल्तानपुर लोधी में भर्ती कराया है।
उन्होंने एडमिनिस्ट्रेशन से गांव जाकर पूरी जांच करने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की रिक्वेस्ट की है। उन्होंने दविंदर कौर के लगाए आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है।



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