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कपूरथला RCF में कल विशाल गेट मीटिंग ....

- जंतर-मंतर पर कर्मिओ को हिरासत लेना और मजदूर-विरोधी नीतिओ के खिलाफ RCFEU का बड़ा विरोध प्रदर्शन  

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला    

​कपूरथला RCF परिसर में कल मंगलवार को RCFEU दवारा एक गेट रैली करते हुए विशाल रोष प्रदर्शन किया जायगा। यह गेट रैली केंद्र सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों और हाल ही में दिल्ली में लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने के प्रयासों के खिलाफ की जा रही है। 

​यूनियन की वर्किंग कमेटी की आज हुई हंगामी बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यह विरोध प्रदर्शन न केवल RCF के स्थानीय कर्मचारियों के ज्वलंत मुद्दों को उठाएगा, बल्कि राष्ट्रव्यापी मजदूर आंदोलनों के प्रति एकजुटता भी प्रदर्शित करेगा। 

​विरोध का मुख्य कारण 25 नवंबर 2025 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। यूनियन द्वारा आयोजित महारैली में शामिल संघर्षशील लोगों को दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर सरकार के भारी दबाव में आकर हिरासत में लिया और उन पर गैर-जरूरी एफआईआर भी दर्ज की गई।

इस संबंध में RCFEU के महासचिव सर्वजीत सिंह ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि 25 नवंबर की घटना लोकतंत्र के माथे पर एक धब्बा है। शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे मजदूरों को हिरासत में लेना और उन पर एफआईआर दर्ज करना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार विरोध की आवाज को दबाना चाहती है। हम इस तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। हमारी कल की गेट रैली इसी अलोकतांत्रिक दमन के खिलाफ हमारी पहली संगठित प्रतिक्रिया होगी।"

इसके अतिरिक्त इस प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा जल्दबाजी में लाए गए चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) का पुरजोर विरोध करना है। यूनियन का दृढ़ मत है कि यह कोड मजदूरों को मिले दशकों पुराने अधिकारों को छीन लेंगे और नियोक्ता वर्ग को अनुचित लाभ पहुँचाएँगे।  

"यह नए श्रम कोड कॉर्पोरेट जगत के हाथों में मजदूरों को गिरवी रखने का एक षड्यंत्र है। ये श्रमिकों की सुरक्षा, यूनियन बनाने के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करते हैं। हमारी यूनियन, देश के तमाम मजदूर संगठनों के साथ खड़ी है और हम इन मजदूर-विरोधी संहिताओं को लागू नहीं होने दिया जाएगा। 

​गेट मीटिंग में RCF कपूरथला से जुड़े ज्वलंत स्थानीय मुद्दों के खिलाफ भी नारेबाज़ी की जाएगी। यूनियन ने घोषणा की है कि विरोध प्रदर्शन के समापन पर, जीएम, आरसीएफ के नाम एक विस्तृत ज्ञापन (मेमोरेंडम) सौंपा जाएगा, जिसमें इन सभी राष्ट्रीय और स्थानीय चिंताओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। RCFEU ने सभी कर्मचारियों और मजदूर समर्थकों से अपील की है कि वह लोकतंत्र और मजदूर अधिकारों की रक्षा के लिए इस महत्वपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भारी संख्या में शामिल हों।  

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