कपूरथला RCF में यूनियन का विशाल रोष प्रदर्शन ....
- दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और मजदूर विरोधी लेबर कोड के खिलाफ गेट रैली
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में आज RCFEU के बैनर तले कर्मचारियों ने दिल्ली पुलिस की दमनकारी कार्रवाई और केंद्र सरकार के मजदूर-कर्मचारी विरोधी चार लेबर कोड के विरोध में एक विशाल रोष प्रदर्शन किया और FIR की प्रतियां जलाई। वहीँ आरसीएफ प्रशासन को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
यह प्रदर्शन मुख्य रूप से 25 नवंबर 2025 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुरानी पेंशन बहाली (OPS) और नेशनल पेंशन स्कीम (NPS)/यूनीफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के विरोध में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा IREF व RCFEU के महासचिव सर्वजीत सिंह, नार्दर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन के जोनल कार्यकारी अध्यक्ष रूपेश कुमार, पीबीएसएस हरियाणा के राज्यप्रमुख विजेंद्र धारीवाल तथा पंजाब के सूबा प्रधान सुखजीत सिंह पर फर्जी एफआईआर दर्ज करने और उन्हें काफी देर तक हिरासत में बिठाकर रखने की घटना के खिलाफ रोष जताने के लिए आयोजित किया गया। कर्मचारियों ने इसे सरकार के दबाव में की गई लोकतंत्र विरोधी कार्रवाई करार दिया।
RCFEU के प्रधान अमरीक सिंह ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि "दिल्ली पुलिस ने सरकार के इशारे पर हमारे शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने की कोशिश की है। फर्जी एफआईआर और साथियों को हिरासत में लेना इस बात का प्रमाण है कि यह सरकार कर्मचारियों की आवाज को कुचलना चाहती है। लेकिन, हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि पुरानी पेंशन बहाली तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। हमारे साथी कर्मचारियों पर किया गया यह अत्याचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और हम इसके खिलाफ हर मंच पर आवाज उठाएंगे।"
यूनियन के सरपरस्त परमजीत खालसा ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए 4 लेबर कोड की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि "भारत सरकार ने जो 4 मजदूर विरोधी लेबर कोड लागू किए हैं, वह मजदूरों और कर्मचारियों के हितों पर सीधा हमला हैं। यह कानून कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचाने और मजदूरों के शोषण का रास्ता खोलने के लिए लाए गए हैं। हम न केवल पुरानी पेंशन बहाली के लिए लड़ रहे हैं, बल्कि इन काले कानूनों को वापस लेने के लिए भी निर्णायक संघर्ष करेंगे। कर्मचारियों की एकता ही इस दमनकारी शासन का जवाब है।"
RCFEU के चेयरमैन दर्शन लाल ने कहा कि कर्मचारियों का मनोबल इस तरह की कार्रवाई से टूटने वाला नहीं है। "सरकार यह भ्रम न पाले कि वह पुलिसिया कार्रवाई से कर्मचारियों के आंदोलन को खत्म कर देगी। जंतर-मंतर पर हमारे साथियों की गिरफ्तारी और फर्जी मुकदमे हमें और मजबूत बनाते हैं। हम पुरानी पेंशन और मजदूर अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं, और यह लड़ाई हर कीमत पर जीती जाएगी। केंद्र सरकार तुरंत फर्जी FIR वापस ले और कर्मचारियों की जायज मांगों को माने।"
प्रदर्शन में कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, फर्जी एफआईआर की वापसी और मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर RCFEU के महासचिव सर्बजीत सिंह, संयुक्त सचिव जसपाल सिंह शेखो, कार्यकारी प्रधान मनजीत सिंह बाजवा, अतिरिक्त सचिव अमरीक सिंह गिल, संगठन सचिव भरत राज, जगतार सिंह, प्रदीप कुमार, नरेंद्र कुमार, त्रिलोचन सिंह, अरविन्द कुमार साह, गुरविंदर सिंह, सरबजीत सिंह, अवतार सिंह, हरप्रीत सिंह, संदीप कुमार, जगजीत सिंह, रघुवीर सिंह, भान सिंह, राजेंद्र कुमार, शिवराज मीणा, मक्खन सिंह, सिमरन, अश्विनी कुमार,अनिल कुमार, पंकज कुमार सिंह, वरिंदर सिंह, संजय कुमार, गुरजीत कलसी आदि मौजूद थे।




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