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शहीदेआज़म भगत सिंह के जन्मदिन को समर्पित 18वाँ इंकलाबी नाटक मेला कल ....

- सिरजना आर्ट ग्रुप रायकोट की टीम द्वारा नाटक "मिट्टी दे जाए" "भारत बिकाऊ है" भी करेंगे पेश  

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला     

देश की आज़ादी की लड़ाई में अहम योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदे आज़म भगत सिंह जी के जन्मदिन को समर्पित 18वाँ इंकलाबी नाटक मेला और 3 नए आपराधिक कानूनों के विरोध और देश का भला चाहने वाले बुद्धिजीवियों की आवाज़ दबाने के विरोध में 18वां इंकलाबी नाटक मेला कल 28 सितंबर को RCF वर्कर्स क्लब परिसर में शाम 7.30 बजे शहीद भगत सिंह विचार मंच की तरफ से आयोजित किया जा रहा है।

मंच के सचिव चंद्रभान ने कहा कि सिरजना आर्ट ग्रुप रायकोट की टीम द्वारा डॉ. सोमपाल हीरा द्वारा निर्देशित नाटक 'मिट्टी दे जाए' व 'भारत बिकाऊ है' पेश किया जाएगा। इसके अलावा हर साल की तरह लोगों की पुरजोर मांग पर भाजी अमोलक सिंह द्वारा लिखित "झंडे दा गीत" भी RCF के 40-45 कलाकारो द्वारा मिलकर प्रस्तुत किया जाएगा।  

इंकलाबी गीत और कविताएं भी प्रस्तुत की जाएंगी। लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए मुख्य वक्ता के रूप में एडवोकेट अमनदीप कौर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, राज्य कमेटी सदस्य, जम्मुहरी अधिकार सभा पंजाब विशेष रूप से मुख्य वक्ता के रूप में पहुंच रहें हैं जो कि  देश के वर्तमान हालातों पर प्रकाश डालेंगी।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मंच की पूरी टीम और फैक्ट्री के सहयोगी संघर्षरत साथियों और उनके परिवार के सदस्यों, सामूहिक आरसीएफ संगठनों और एसोसिएशनों, सामाजिक और धार्मिक संगठनों और आम लोगों को इंकलाबी नाटक मेले में भाग लेने के लिए जगह-जगह नुक्कड़ मीटिंगा , पोस्टर एवं फ्लेक्सों द्धारा पहुंचने हेतु आमंत्रण दिया जा रहा है। 

इसी कड़ी में आज RCF कॉलोनी में जगह-जगह इंकलाबी नाटक मेले के पोस्टर और बैनर लेकर और संवाद के माध्यम से लोगों को शहीद भगत सिंह और उनके साथियों, उनके परिवार के सदस्यों, मित्रों-मित्रों की विचारधारा को जानने के लिए आमंत्रित किया गया। आइए पड़ोसियों के साथ मिलकर क्रांतिकारी नाटक मेले की शान बनें और जानें कि हमारे शहीद किस तरह की आज़ादी और समाज चाहते थे। आइए एक अच्छे समाज के निर्माण के लिए हम सभी इस शैक्षिक कार्यक्रम का मार्गदर्शन लें।  

मंच के प्रधान धर्मपाल, सचिव चंद्रभान, कैशियर तरसेम सिंह, गुरजिंदर सिंह, रामदास, राज कुमार परजापति, विनोद कुमार, बूटा राम, सुरिंदर कुमार, गुरप्रीत सिंह, भरतराज, तरसेम सिंह गोगी, अमरीक सिंह, दिलबाग सिंह, सुरिंदर पाल सिंह, मंजीत बाजवा, शरणजीत सिंह, सुखविंदर सिंह सुखी, जसपाल सिंह सेखों, साकेत यादव, पंकज कुमार, बलजिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, अवतार सिंह, अश्वनी कुमार, आदेश कुमार, जसवन्त मोगा, योगेश तिवारी, बचितर सिंह, सुनील कुमार, संदीप कुमार और बहनें मोनिका, कांता रानी, ​​आशा रानी, ​​गुरुमीत कौर, दर्शना रानी, ​​दलजीत कौर, वीना रानी आदि प्रचार में अपना योगदान दे रहे हैं। 

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