RCF एम्पलाइज यूनियन ने OPS पाने के लिए निकाला आक्रोश मार्च ....
- फिरोजपुर में 27 को होने वाली हल्ला बोल पेंशन महाअभियान में शामिल होंगे RCF के सैकड़ो कर्मी
- पुरानी पेंशन स्कीम हर कीमत पर बहाल करवाएंगे -- अमरीक सिंह
- रेलवे की दोनों मान्यता प्राप्त फेडरेशनों ने किया कर्मचारियों के साथ विश्वासघात -- सर्वजीत सिंह
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
रेलवे की दोनों मान्यता प्राप्त फेडरेशनों (AIRF एवं NFIR ) की मिलीभगत से भारत सरकार की कैबिनेट ने 24 अगस्त को UPS कर्मचारिओ पर ठोकने का कार्य किया। जिसे बड़ी ही बेशर्मी के साथ रेलवे की दोनों मान्यता प्राप्त फेडरेशन ने बड़ी ऐतिहासिक जीत बताया। IREF ने दोनों मान्यता प्राप्त फेडरेशनों की समझौतावादी नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों फेडरेशनों ने कर्मचारियों के भविष्य को बर्बाद कर दिया है। जिसके चलते रेलवे के कर्मचारी AIRF एवं NFIR के खिलाफ भारी रोष है। उनका कहना है कि आगामी मान्यता के होने वाले चुनाव में हम इनको सबक सिखाएंगे यह दोनों समझौतावादी संगठन इसका नतीजा भुगताने के लिए तैयार रहे।
इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन, फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे तथा नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय आह्वान पर आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन द्वारा जिला स्तरीय आक्रोश मार्च निकलते हुए RCF से लेकर DC ऑफिस कपूरथला तक मोटरसाइकिल आक्रोश मार्च निकाल कर पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए एडीसी कपूरथला नवनीत कौर बल जी को माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौपा गया। और कल 27 सितंबर को फिरोजपुर DRM ऑफिस के सामने होने वाली पेंशन हल्ला बोल महा अभियान में भी सैकड़ो कर्मचारी शामिल होने का दावा किया गया है।
फ्रंट अगेंस्ट NPS इन रेलवे के राष्ट्रीय अध्यक्ष व NMOPS के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव अमरीक सिंह ने कहा कि 1 जनवरी 2004 में उसके बाद केंद्र सरकार तथा लगभग सभी राज्य सरकारों के कर्मचारियों से तत्काली अटल बिहारी वाजपेई सरकार द्वारा एक अध्यादेश के माध्यम से निश्चित लाभ वाली पुरानी/पारिवारिक पेंशन स्कीम का हक छीन कर कर्मचारियों पर शेयर बाजार आधारित निश्चित कटौती वाली नई/नेशनल पेंशन स्कीम लागू कर दी थी।
NPS की सामने आई वास्तविक तस्वीर तथा एनपीएस में बन रही निगुणी पेंशन के चलते कर्मचारी फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे के नेतृत्व में रेलवे में तथा नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के बैनर तले देश भर में पुरानी पेंशन बहाल करवाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इस संघर्ष की बदौलत छः राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल करने का ऐलान हो चुका है और चार राज्यों में पुरानी पेंशन स्कीम बहाल हो चुकी है। अब पुरानी पेंशन बहाली का संघर्ष निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। 2024 में देश में आम चुनाव हुए जिसमें एनपीएस के अंतर्गत आते कर्मचारियों ने सरकार को आईना दिखाने का कार्य किया, देश के लोगों ने एक बार फिर अपनी वोट की ताकत दिखाई है। मजबूरन केंद्र सरकार मजबूरन यूपीएस नामक जुमला लाने को मजबूर हुई, यह यूपीएस असल में एनपीएस से भी बत्तर है जिसके खिलाफ राष्ट्रीय आह्वान पर आज आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन द्वारा जिला स्तरीय आक्रोश मार्च निकलते हुए आरसीएफ से लेकर डिप्टी ऑफिस, कपूरथला तक मोटरसाइकिल आक्रोश मार्च निकालकर पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए एडीसी कपूरथला नवनीत कौर बल जी को माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौपा गया है।
इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव व आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन के सचिव सर्वजीत सिंह ने कहा कि आरसीएफ के अंदर पुरानी पेंशन बहाल करवाने के लिए कर्मचारियों की यह ऐतिहासिक रैली पूरे देश में एनपीएस के खिलाफ संघर्ष कर रहे लोगों में उत्साह भरने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि अगर हमने एनपीएस, यूपीएस के खिलाफ संघर्ष न किया होता तो शायद हम अपनी आने वाली पीढियां को मुंह दिखाने के काबिल ना रहे थे, अब वक्त है गर्म लोहे पर चोट मारने की और कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन स्कीम को पुन बहाल करवाने के लिए इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन द्वारा दिए गए प्रत्येक कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि पहले वर्ष 2004 वह अब वर्ष 2024 में रेलवे की दोनों मान्यता प्राप्त फेडरेशनों ने कर्मचारियों के साथ बड़ा विश्वासघात किया है, रेलवे के आने वाले चुनावो में कर्मचारियों के पास मौका है की जिन्होंने उनका भविष्य, उनका बुढ़ापा, उनके बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेलने का कार्य किया है उन्हें सबक सिखाया जाए।
एनपीएस, यूपीएस के खिलाफ की गई रोष रैली को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों के साथ IRTSA, एससी और एसटी, ओबीसी इत्यादि ने शमुलियत कर भरपूर योगदान निभाया, संगठन के पदाधिकारी अमरीक सिंह, दर्शन लाल, मनजीत सिंह बाजवा, बचितर सिंह, नरिंदर कुमार, शरणजीत सिंह, जसपाल सिंह सेखो, तरलोचन सिंह, अरविन्द कुमार शाह, जगदीप सिंह, अनिल कुमार, अवतार सिंह, हरप्रीत सिंह, बलजिंदर सिंह, चंद्रभान, राजिंदर कुमार, नवदीप कुमार, साकेत कुमार यादव, सुभाष कुमार, प्रवीण कुमार, रामदास, संजीव कुमार, हरपाल सिंह, निर्मल सिंह, सुमन सौरव, संदीप कुमार, मनोहर लाल आदि के साथ अध्यापक गुरमुख सिंह बाबा, दीपक आनंद सहित यूनियन के सैकड़ो कार्यकर्ता शामिल हुए।
















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