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"शेर-ए-RCF" का ऐतिहासिक सम्मान --- इसके हकदार केवल परमजीत सिंह -- RCFEU

- RCF के सुनहरे इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगी खालसा की कुर्बानियां -- सर्वजीत सिंह  

- कर्मचारी हितों के लिए संघर्ष एवं बलिदान का नाम परमजीत सिंह खालसा -- दर्शन लाल  

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला    

RCFEU के सरपरस्त एवं "शेर-ए-RCF" परमजीत सिंह खालसा की रेलवे से सेवानिवृत्ति पर RCF एम्पलाइज यूनियन द्वारा साहिबजादा अजीत सिंह संस्थान में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सम्मान समारोह में वरिष्ठ यूनियन पदाधिकारी कामरेड पी.के कौशल, दलजीत सिंह सिंह इत्यादि ने विशेष रूप में पहुंचकर खालसा को सम्मानित किया।  

वैसे तो रेलवे नियम अनुसार हर एक कर्मचारी की सेवानिवृत्ति दिनांक तय है, लेकिन नौकरी करने के दौरान सरकार की मजदूर व आमजन विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए शेर की तरह मैदान में डट जाना, अपने साथियों के हक-अधिकारों के लिए हर एक सीमा पार कर जाना ऐसा इतिहास कुछएक कर्मचारी के नाम दर्ज होता है जिनमें से एक है सरदार परमजीत सिंह खालसा जिनकी रेलवे से 30 अप्रैल, 2024 को सेवानिवृत्ति होने पर आरसीएफ के हजारों कर्मचारियों ने लाल झंडे, बैनर इत्यादि के साथ जबरदस्त काफिला निकालकर ऐतिहासिक सम्मान समारोह आयोजित किया। 

RCFEU के महासचिव सर्वजीत सिंह ने कहा कि परमजीत सिंह खालसा की कुर्बानियां RCF के सुनहरी ऐतिहासिक पन्नों में हमेशा दर्ज रहेंगी। उन्होंने कहा कि खालसा ने अपनी 37 वर्ष की रेलवे सेवा के दौरान कर्मचारी हितों व कारखाने के उज्जवल भविष्य के लिए संघर्ष करते हुए कई विक्टिमाइजेशन, 21 वर्ष की सालाना एग्रीमेंट, कई साल के पास-पीटीओ, ससपेंशन, SF-14 इत्यादि तरह के नुकसान से गुजरे, लेकिन कभी भी अपनी नीति के साथ समझौता नहीं किया। वहीँ संघर्षशील दिलों की बुलंद आवाज, बे-बाक शख्सियत तथा लगभग 20 वर्षों से लगातार यूनियन के अध्यक्ष, स्टाफ काउंसिल इत्यादि पदों पर रहे स.परमजीत सिंह खालसा को RCFEU लाल सलाम पेश करती है। वह ऐसी महान शख्सियत के लिए बड़े से बड़ा सम्मान समारोह भी छोटा लगता है।  

RCFEU के कार्यकारी अध्यक्ष व IRTSA के जोनल अध्यक्ष दर्शन लाल ने कहा कि रेडिका में कर्मचारी हितों के लिए संघर्ष एवं बलिदान का दूसरा नाम है परमजीत सिंह खालसा, उन्होंने कहा कि हर एक कर्मचारी के लिए सेवानिवृत्ति होना सबसे बड़ा दिन होता है लेकिन इस तरीके के सम्मान का हकदार हरएक नहीं हो सकता, ऐसी बे-बाक शख्सियत जिसने आरसीएफ के लिए अपने पर्सनल हितों को दर किनार कर आरसीएफ के भले के लिए दिन-रात एक करते हुए दर्जनों प्राप्तियां दर्ज की है ऐसे जांबाज यूनियन पदाधिकारियों की जरूरत हमेशा संगठन को रहेगी। उन्होंने नौजवान यूनियन पदाधिकारी, डेलिगेट इत्यादि से कहा कि ऐसे महान शख्सियत से प्रेरणा लेकर संगठन को आगे बढ़ने का कार्य करना चाहिए। 

इस मौके पर परमजीत सिंह खालसा ने कहा कि वह कर्मचारियों के साथ के बिना कुछ नहीं थे अगर RCF के बहादुर संघर्षशील कर्मचारियों ने उनकी आवाज के पीछे आवाज मिलाकर उन्हें हौसला दिया तभी वह इतनी मुश्किल दौर से होते हुए आज सेवानिवृत हो रहे हैं। उन्होंने बेमिसाल सम्मान समारोह के लिए RCFEU का आभार व्यक्त किया। तथा कहा कि खालसा रेलवे से सेवानिवृत हो रहा है लेकिन कर्मचारी संघर्षों के लिए हमेशा तैयार रहेंगे व पहले से भी ज्यादा समय देकर एकजुटता के साथ संगठन, RCF तथा कर्मचारी हितों के लिए आवाज बुलंद करने का कार्य करेंगे।   

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