धोखा या सौदा...... करोड़ों की प्रॉपर्टी सेल का मुद्दा बना चर्चा का विषय, एक से सौदा कर दूसरे को बेची प्रॉपर्टी ...पढ़े पूरा मामला ... ??
- पहले ब्याने के समाप्त होने से पहले दूसरे को प्रॉपर्टी बेचने का मामला ......
- राजस्व को नुकसान पहुँचाने के लग रहे आरोप, DC ने जाँच के दिए आदेश
- पहले से एक करोड़ 35 लाख में हुआ था सौदा, दूसरे ने मात्र 68. 86 लाख में करवाई रजिस्टी के बाद तहसील कार्य पर भी उठ रहे सवाल
- पहले खरीददार द्वारा ब्याने की कॉपी लगा तहसीलदार को दी शिकायत के दूसरे दिन ही तीन व्यक्तिओ के नाम पर हुई रजिस्ट्री
- तहसीलदार बोले -- कॉलेक्टर रेट पर लगे स्टाम्प दस्तवेजो के बाद ही की रजिस्ट्री
खबरनामा इंडिया ब्यूरो। कपूरथला
कपूरथला शहर के घनी आबादी वाते क्षेत्र में करोड़ों रुपए की एक प्रॉपर्टी की बिक्री का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसमें मालिक ने एक बयाना किसी से करने के बाद उक्त प्रॉपर्टी किसी दूसरे को बेच दी है, जबकि पहले ब्याने के हिसाब से पारा जुलाई 2021 को देखती होना तय है। वही उक्त भूमि की रजिस्ट्री से पहले पहले खरीदार ने तहसीलदार को एक शिकायत देकर रजिस्ट्री न करने की गुजारिश की थी लेकिन शिकायत के दूसरे दिन ही उक्त भूमि की रजिस्ट्री लगभग 68. 86 लाख में कर दी गई। तहसील विभाग की इस गतिविधि को लेकर तहसील कार्य पर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल उक्त मामले में तहसीलदार मनवीर सिंह ढिल्लों ने पल्ला झाड़ते हुए सिर्फ इतना ही बताया कि जो रजिस्ट्री की गई है उसमें कलेक्ट्रेट के अनुसार स्टांप ड्यूटी लगाई गई है। और किसी भी हालत में राजस्व को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। वहीं दूसरी तरफ उक्त मामला डीसी कपूरथला के ध्यान में आने के बाद इसकी जाँच के आदेश भी दे दिए गए है।
जानकारी अनुसार शहर की एक घनी आबादी में स्थित प्रॉपर्टी के संबंध में मालिक नहीं 11 दिसंबर 2020 को मॉडल टाउन वासी एक महिला के साथ एक करोड़ 35 लाख में सौदा तय कर लिखित बयाना किया था जोकि नोटरी से अटेस्टेड भी था। उक्त बयाना के आधार पर रजिस्ट्री का समय 12 जुलाई 2021 तय किया गया था।
उक्त मामले में जून 2021 को एक नया मोड़ आया जब प्रॉपर्टी के मालिक ने पहले ब्याने को नजरअंदाज कर किसी अन्य के साथ उक्त भूमि का सौदा तय कर दिया। और 22 जून 2021 को एक ही परिवार के तीन अलग- अलग सदस्यों के नाम पर उक्त भूमि की तीन रजिस्ट्रियां हो गई। जबकि उक्त भूमि के पहले महिला खरीदार को उक्त कार्यवाही की भनक लगने पर उसने अपने ब्याने की कॉपी लगाकर एक लिखित शिकायत तहसीलदार कपूरथला को 1 दिन पहले 21 जून 2021 को देते रजिस्ट्री पर रोक लगाने का आग्रह किया था। लेकिन उसकी शिकायत को नजरअंदाज कर क्रमश (17.21500, 17-21500 और 34.4300 ) कीमत की तीन रजिस्ट्रियां कर दी गई। जिनमे लगभग साढ़े तीन लाख राजस्व वसूला गया। वहीँ जानकारों की माने तो अगर पहले ब्याने के आधार पर एक करोड़ 35 लाख में रजिस्ट्री होती तो विभाग के नियमो अनुसार 6 प्रतिशत की दर से लगभग 8 लाख का राजस्व सरकार के खाते में आता।
उक्त करोड़ों की भूमि के मामले में कई तरह की चर्चाओं के साथ-साथ तहसील विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। पहले तो प्रॉपर्टी के मालिक द्वारा एक बयाना करने के बाद दूसरे को वही प्रॉपर्टी बेचे जाने पर धोखा किए जाने की चर्चा है। जबकि पहले ब्याने की म्याद अभी बाकि है। और न ही उसे रद्द किया गया है।
उक्त मामले में डीसी कपूरथला दीप्ती उप्पल के ध्यान में मामला आने के बाद उन्होंने इसकी गंभीरता से जाँच के आदेश दे दिए है।













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